हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर राज्य से जुड़े ऊर्जा और शहरी विकास के कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए।
सुक्खू ने मनोहर लाल खट्टर से केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों द्वारा संचालित जलविद्युत परियोजनाओं में प्रारंभिक 12 वर्ष पूरे होने के बाद मिलने वाली 12 प्रतिशत नि:शुल्क बिजली रॉयल्टी से अधिक हिस्सेदारी देने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने 180 मेगावाट बैरा-स्यूल जलविद्युत परियोजना के 44 वर्ष पूरे होने के बाद राज्य की मुफ्त बिजली हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने की मांग भी रखी। उन्होंने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोडर् (बीबीएमबी) परियोजनाओं से संबंधित ऊर्जा बकाया भुगतान में हो रही देरी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि हरियाणा और पंजाब की सहमति से 1,306.6 करोड़ यूनिट ऊर्जा बकाया तथा उस पर छह प्रतिशत ब्याज सहित भुगतान किया जाये। उन्होंने बताया कि राशि के रूप में भुगतान होने पर यह देनदारी लगभग 7,784 करोड़ रुपये बनती है।
बैठक में मुख्यमंत्री ने शानन जलविद्युत परियोजना पर हिमाचल के वैध अधिकार का पक्ष भी रखा। इसके अलावा कांगड़ा में प्रस्तावित‘एयरो सिटी' और ‘हिम चंडीगढ़' परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता, अर्बन चैलेंज फंड, अमृत योजना, अमृत मित्रा योजना, स्वच्छता एवं कचरा प्रबंधन परियोजनाओं और क्यूआर-आधारित डिजिटल डोर प्लेट प्रणाली के लिए भी केंद्र से आर्थिक सहयोग का अनुरोध किया।