शिमला : प्रदेश के रकछम-छितकुल वाइल्ड लाइफ सेंचुरी एरिया में आने वाले देशी विदेशी पर्यटकों को भविष्य में शुल्क देना होगा। इको टूरिज्म सोसाइटी की एग्जीक्यूटिव कमेटी की पहली बैठक में इको पर्यटन शुल्क लेने का फैसला लिया गया है। साथ ही कमेटी की ओर से दो स्थानों पर बैरियर रखने के प्रस्ताव प्रस्ताव को भी सदस्यों ने अपनी सहमति दी है। शुल्क के रूप में हासिल होने वाली राशि को विभिन्न गतिविधियों पर खर्च किया जाएगा।
जानकारी के अनुसार रकछम छितकुल वन्य जीव अभयारण्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इको टूरिज्म सोसाइटी की एक्जीक्यूटिव कमेटी की पहली बैठक हुई है। रकछम में हुई इस बैठक में सेंचुरी एरिया में आने वाले पर्यटकों से इको पर्यटन शुल्क लेने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए प्रवेश बिंदु पर रकछम छितकुल और बटशेरी में बैरियर स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया। बैठक के दौरान सभी सदस्यों ने अपनी इस पर अपनी सहमति जता दी है।
उप अरण्यपाल (वन्यजीव) सराहन अशोक कुमार नेगी ने बताया कि इको टूरिज्म सोसाइटी से प्राप्त राशि व शुल्क का उपयोग क्षेत्र की स्वच्छता, पर्यटक सुविधाओं के विकास, पर्यावरण संरक्षण तथा स्थानीय स्तर पर ईको-पर्यटन गतिविधियों के सुदृढ़ीकरण के लिए किया जाएगा। इस बैठक में सांगला घाटी के छितकुल, रक्छम एवं बटसेरी पंचायतों के नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों ,युवक व महिला मंडलों समेत ग्रामीणों ने भाग लिया।
अशोक कुमार नेगी ने बताया कि बैठक में रकछम– छितकुल वन्यजीव अभयारण्य के प्राकृतिक एवं जैविक महत्व पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र अपनी अनूठी जैव विविधता, प्राकृतिक सौंदर्य तथा वन्यजीव संपदा के लिए पूरे प्रदेश में विशेष पहचान रखता है। ऐसे में पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण को प्राथमिकता देना समय की आवश्यकता है और स्थानीय समुदाय की भागीदारी से एक ईको-पर्यटन सोसायटी के गठन एवं संचालन पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।
इस सोसायटी का उद्देश्य क्षेत्र में जिम्मेदार पर्यटन को बढ़ावा देना, पर्यावरण संरक्षण सुनिश्चित करना तथा पर्यटन से प्राप्त लाभों को स्थानीय समुदाय और क्षेत्र के विकास से जोडऩा होगा। इस दौरान स्थानीय पंचायतें, वन्यजीव विभाग एवं स्थानीय समुदाय मिलकर सांगला घाटी की प्राकृतिक धरोहर को संरक्षित रखते हुए आने वाली पीढिय़ों के लिए एक आदर्श एवं सतत पर्यटन मॉडल विकसित करने का संकल्प लिया।