शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित सिंगल विंडो स्वीकृति एवं अनुश्रवण प्राधिकरण की बैठक में 5877.01 करोड़ के प्रस्तावित निवेश वाले 42 औद्योगिक निवेश प्रस्तावों को मंज़ूरी प्रदान की गई। इससे राज्य में 13,355 रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। बैठक में दी गईं स्वीकृतियां एक प्रगतिशील और समावेशी औद्योगिक वातावरण बनाने के प्रति राज्य सरकार की मज़बूत प्रतिबद्धता को उजागर करती हैं। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने ऐसे श्रम-प्रधान उद्योगों को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया, जो हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए अधिक से अधिक रोजग़ार के अवसर पैदा कर सकें।
साथ ही उन्होंने एक ऐसा प्रगतिशील औद्योगिक वातावरण बनाने की प्रतिबद्धता जताई, जो आर्थिक विकास और पर्यावरण की स्थिरता के बीच संतुलन बनाए रखे। उन्होंने विभाग को अगले दो महीनों के भीतर नई हिमाचल प्रदेश औद्योगिक नीति को अधिसूचित करने का निर्देश दिया, ताकि हिमाचल दूसरे पड़ोसी राज्यों के साथ मुकाबला कर सके।
प्रदेश में औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57 प्रतिशत
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने राज्य के निवेशक-अनुकूल वातावरण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश कई क्षेत्रों, विशेषकर रक्षा और फार्मा में तेजी से एक आकर्षक निवेश गंतव्य के रूप में उभर रहा है। पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों के अनुसार, औद्योगिक निवेश रूपांतरण दर 57 प्रतिशत है, जो 32 सेे 35 प्रतिशत की राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। बैठक में मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत, प्रधान सचिव वित्त देवेश कुमार, वित्त सचिव डा. अभिषेक जैन, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, श्रम एवं रोजगार सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सचिव सुशील कुमार सिंगला, उद्योग निदेशक यूनुस और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए।