ज़्यूरिख भारत के 'गोल्डन बॉय' और स्टार भाला फेंक एथलीट नीरज चोपड़ा लगातार तीसरे साल डायमंड लीग फाइनल का खिताब जीतने से चूक गए। एक बेहद चुनौतीपूर्ण मुकाबले में, नीरज चोपड़ा संघर्ष करते नजर आए, लेकिन अपने आखिरी दांव में शानदार वापसी करते हुए 85.01 मीटर के थ्रो के साथ दूसरा स्थान (रजत पदक) हासिल करने में सफल रहे। जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपने अविश्वसनीय प्रदर्शन से सभी को चौंका दिया और 91.51 मीटर के विशाल थ्रो के साथ डायमंड लीग की प्रतिष्ठित ट्रॉफी अपने नाम की ।
जर्मनी के वेबर बने 'दीवार', पहले ही थ्रो से बनाया दबाव
मुकाबले की शुरुआत से ही जर्मनी के जूलियन वेबर ने अपना दबदबा बना लिया था।
1. पहले थ्रो में ही गाड़े झंडे: वेबर ने अपने पहले ही प्रयास में 91.37 मीटर का सनसनीखेज थ्रो फेंककर नीरज चोपड़ा सहित सभी प्रतियोगियों पर भारी दबाव बना दिया।
2. लगातार 91+ मीटर: वेबर यहीं नहीं रुके और अपने दूसरे प्रयास में 91.51 मीटर का थ्रो फेंककर अपनी बढ़त को और मजबूत कर लिया। उनका यही थ्रो अंत में उन्हें चैंपियन बनाने के लिए काफी साबित हुआ।
संघर्ष करते दिखे नीरज, लगातार तीन फाउल ने बढ़ाई मुश्किल
इस सीजन में 90 मीटर का आंकड़ा पार कर चुके नीरज चोपड़ा फाइनल में अपनी लय हासिल करने के लिए संघर्ष करते दिखे।
1. धीमी शुरुआत: नीरज ने पहले प्रयास में 84.35 मीटर का थ्रो फेंका, जिससे वह तीसरे स्थान पर थे।
2. तीन लगातार फाउल: इसके बाद नीरज के लिए मुश्किलें और बढ़ गईं, जब उनके तीसरे, चौथे और पांचवें प्रयास फाउल हो गए। इन तीन फाउल के बाद ऐसा लग रहा था कि नीरज के लिए पदक जीतना भी मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि वह लगातार तीसरे स्थान पर बने हुए थे।
आखिरी दांव में दिखाया दम, तीसरे से दूसरे स्थान पर लगाई छलांग
जब सब कुछ खत्म होता दिख रहा था, तब नीरज ने अपने चैंपियन वाले जज्बे का प्रदर्शन किया। अपने छठे और अंतिम प्रयास में नीरज ने पूरा जोर लगाया और 85.01 मीटर का थ्रो फेंका। इस शानदार थ्रो के साथ उन्होंने त्रिनिदाद एंड टोबैगो के केशोर्न वालकॉट (84.95 मीटर) को पछाड़कर दूसरा स्थान हासिल कर लिया।
बता दे कि नीरज ने 2022 में यह खिताब जीता था, लेकिन 2023 और 2024 के बाद यह लगातार तीसरा साल है जब उन्हें उपविजेता (रजत पदक) बनकर संतोष करना पड़ा। कुल मिलाकर, भले ही नीरज चोपड़ा सोना जीतने से चूक गए, लेकिन एक मुश्किल दिन पर भी हार न मानने और आखिरी दम तक लड़कर पदक जीतने का उनका जज्बा काबिले-तारीफ है।