देहरादून : देवभूमि उत्तराखंड एक बार फिर आसमानी आफत का सामना कर रही है। देर रात से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते रुद्रप्रयाग, चमोली, टिहरी तथा उत्तरकाशी में कई जगहों पर बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी है। इस आपदा में अब तक एक महिला की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 20 से ज़्यादा लोग लापता हैं।
आपदा का केंद्र: रुद्रप्रयाग और चमोली
1. रुद्रप्रयाग : आपदा का सबसे भयानक रूप रुद्रप्रयाग में देखने को मिला है। बसुकेदार क्षेत्र के टेंडवाल गाँव में बादल फटने से भारी मलबा आया, जिसमें दबकर एक महिला की मौत हो गई। इसी गाँव में 18 से 20 लोगों के लापता होने की खबर है, जिससे एक बड़ी त्रासदी की आशंका बढ़ गई है। जखोली ब्लॉक में भी भारी बारिश ने व्यापक नुकसान पहुँचाया है।
2. चमोली : चमोली जिले का देवाल ब्लॉक भी बादल फटने से बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
2.1 मोपाटा गाँव में तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए हैं, जबकि दो अन्य लोग घायल हुए हैं। यहाँ कई घर और गौशालाएं मलबे में दब गई हैं, और 20 के करीब मवेशियों की भी मौत हो गई है ।
2.2 कर्णप्रयाग में कालेश्वर के पास पहाड़ से आए मलबे ने लोगों के घरों में घुसकर भारी नुकसान किया है।
2.3 लगातार बारिश से अलकनंदा और पिंडर नदियाँ उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
टिहरी और उत्तरकाशी में भी तबाही
1. टिहरी: भिलंगना ब्लॉक के गेंवाली गाँव में बादल फटने से फसलों, सड़कों और बिजली-पानी की लाइनों को भारी नुकसान पहुँचा है।
2. उत्तरकाशी: यहाँ भी देर रात हुई बारिश ने तबाही मचाई है। गंगोत्री नेशनल हाईवे आधा दर्जन से ज़्यादा जगहों पर बंद हो गया है, और कई ग्रामीण मार्ग भी कट गए हैं।
सरकार और प्रशासन की कार्रवाई
आपदा की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य तेज़ करने के निर्देश दिए।
1. बचाव अभियान: SDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित इलाकों में लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को निकालने में जुटी हैं।
2. स्कूल बंद: चमोली जिले में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए शुक्रवार को सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
3. सड़कें खोलने का प्रयास: बंद पड़े नेशनल हाईवे और ग्रामीण सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।