जम्मू में लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन के बाद श्री माता वैष्णो देवी यात्रा लगातार शुक्रवार को चौथे दिन भी स्थगित रही। श्री माता वैष्णो देवी तीर्थयात्रा मार्ग पर भूस्खलन के बाद यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। श्राइन बोर्ड ने एक घोषणा करके श्रद्धालुओं को सूचित किया कि मार्ग पर मरम्मत कार्य चल रहा है। इसके कारण, तीर्थयात्रा अगले दो-तीन दिनों तक स्थगित रहेगी।
भारी बारिश के बीच श्री माता वैष्णो देवी यात्रा रूट पर मंगलवार को भूस्खलन की घटना हुई थी। अर्धकुवारी के नजदीक पहाड़ी से गिरे पत्थरों और मलबे ने रूट को प्रभावित किया। हादसे में बहुत से लोगों की मौत हो चुकी है। फिलहाल, भूस्खलन और भारी बारिश के बाद श्री माता वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है। फिलहाल, भूस्खलन और भारी बारिश के बाद श्री माता वैष्णो देवी यात्रा रोक दी गई है।
वहीं, हादसे के तुरंत बाद बचाव दल, एनडीआरएफ, श्राइन बोर्ड के कर्मचारी और स्थानीय प्रशासन मौके पर पहुंच गए और बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने कटरा में वैष्णो देवी मंदिर के पास हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए कदम बढ़ाया था।
इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्री माता वैष्णो देवी मंदिर रूट पर भूस्खलन के कारण मारे गए लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त की थी। साथ ही, पीएम मोदी ने घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की।
वहीं, जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कटरा स्थित एसएमवीडी नारायणा सुपरस्पेशलिटी अस्पताल में भूस्खलन में घायल हुए श्रद्धालुओं से मुलाकात की थी और उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। उन्होंने डॉक्टरों से सर्वोत्तम संभव उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर वर्ष 2014 में आई बाढ़ की तस्वीरें पोस्ट करते हुए लिखा, “2014 की बाढ़ की दो तस्वीरें और 2025 की बाढ़ की दो तस्वीरें। लगभग एक ही जगह और लगभग एक जैसा नुकसान। 2014 की बाढ़ से हमने क्या सीखा?
जम्मू-कश्मीर के समरोली के तोल्डी नाला क्षेत्र में बंट गांव में तवी नदी पर बना पुल कल भारी बारिश के बाद नदी में आए उफान के कारण पूरी तरह बह गया, जिससे 20 से अधिक गांवों और 10 पंचायतों के 50,000 से अधिक निवासियों का जीवन प्रभावित हुआ है।
वहीं, उधमपुर उपायुक्त सलोनी राय ने मीडिया को बताया कि मौसम संबंधी आपदा ने राष्ट्रीय राजमार्ग 44 को बहुत नुकसान पहुंचाया है, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, नागरिक प्रशासन, पुलिस और यातायात प्रशासन की टीमों को तैनात किया गया है। बहाली का काम जोरों पर है। कल शाम तक सब कुछ बहाल करने की कोशिश की जा रही है। इस प्रगति की निगरानी LG और CM भी कर रहे हैं। हम आवश्यक सेवाओं तक पहुंच देने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, हम अनुरोध करते हैं कि बाकी लोग इस समय इस राजमार्ग पर यात्रा करने से बचें।