शिमला : सीबीएसई में कन्वर्ट किए गए छोटा शिमला स्कूल में मुख्यमंत्री सुक्खू जब बच्चों से संवाद कर रहे थे तो स्कूल की हैड गर्ल ने पूछा कि सीबीएसई बनाए गए स्कूलों में मेरिट के आधार पर नए शिक्षक आएंगे। तो क्या जो शिक्षक अभी पढ़ा रहे हैं, वे योग्य नहीं हंै? आज तक हमारा रिजल्ट इतना अच्छा रहा है, यही शिक्षक हमें पढ़ा रहे हंै। ये क्यों बदले जा रहे हैं? इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि किसने कहा कि ये योग्य नहीं हैं? सभी सरकारी स्कूलों में क्वालिफाइड टीचर हैं। सब टेस्ट के माध्यम से लगे हैं। यहां तो हम एक्स्ट्रा स्केल दे रहे हैं। कुछ स्कूलों में स्थायी शिक्षक रखना चाह रहे हैं। इस कारण एक नीतिगत फैसला किया गया है कि जो इच्छुक शिक्षक हंै, वे इसमें आ सकें।
शिक्षकों ने उनकी रुचि पूछी जा रही है। इसका मलतब यह नहीं है कि वे इंटेलिजेंट नहीं हैं। हमारे सरकारी स्कूलों के शिक्षक सबसे अच्छे हैं, निजी स्कूलों से भी अच्छे पढ़ाने वाले शिक्षक हमारे पास हैं। उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्तिगत फैसले होते हैं, जिनमें बात करके आगे के समाधान करने होते हैं, हम शिक्षकों को हटा नहीं रहे हैं। यदि किसी स्कूल में फिजिक्स का टीचर नहीं हंै, वहां अगर मेरिट से शिक्षक आएंगे, तो बच्चों को टीचर तो मिलेगा ही, साथ ही छात्रों के रिजल्ट में भी सुधार होगा। इसके साथ ही शिक्षकों को भी सीबीएसई स्कूलों में पढ़ाने का विकल्प मिलेगा।