नई दिल्ली : नई दिल्ली से सामने आई एक रिपोर्ट ने देश की राजनीतिक फंडिंग को लेकर कई अहम खुलासे किए हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉम्र्स (एडीआर) की रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 वित्तीय वर्ष में राष्ट्रीय राजनीतिक दलों को मिलने वाले चंदे में 161 प्रतिशत की बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 20 हजार रुपए से ज्यादा के कुल चंदे की राशि 6,648.563 करोड़ रुपए रही, जो 11,343 दान के माध्यम से मिली। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा भारतीय जनता पार्टी को मिला है। बीजेपी को अकेले 6,074.015 करोड़ रुपए 5,522 दान के जरिए प्राप्त हुए। दूसरे स्थान पर इंडियन नेशनल कांग्रेस रही, जिसे 517.394 करोड़ रुपए 2,501 दान से मिले। रिपोर्ट में बताया गया है कि बीजेपी को मिला चंदा कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीपीआई (एम) और नेशनल पीपल्स पार्टी के कुल चंदे से 10 गुना ज्यादा है। वहीं बसपा ने एक बार फिर यह घोषणा की कि उसे 20 हजार रुपए से ज्यादा का कोई चंदा नहीं मिला।
पार्टी पिछले 19 सालों से इसी नीति का पालन कर रही है। अगर कुल चंदे की तुलना पिछले साल से की जाए, तो 2024-25 में 4,104.285 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीजेपी के चंदे में 171 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो 2023-24 में 2,243.947 करोड़ रुपए था। कांग्रेस के चंदे में भी 84 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। यह राशि 2023-24 में 281.48 करोड़ रुपए से बढक़र 2024-25 में 517.394 करोड़ रुपए हो गई। अन्य दलों में आम आदमी पार्टी को 27.044 करोड़ रुपए मिले, जिसमें 244 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। वहीं एनपीईपी को 1.943 करोड़ रुपए मिले, जिसमें 1,313 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि राजनीतिक फंडिंग में कॉरपोरेट सेक्टर का दबदबा बना हुआ है। कुल चंदे में से 6,128.787 करोड़ रुपए कॉरपोरेट दान से आए, जो 92.18 प्रतिशत है। यह राशि 3,244 दान के जरिए मिली। वहीं व्यक्तिगत दानदाताओं का योगदान 505.66 करोड़ रुपए रहा, जो 7,900 दान के जरिए आया और कुल चंदे का 7.61 प्रतिशत है। बीजेपी को कॉरपोरेट सेक्टर से सबसे ज्यादा 5,717.167 करोड़ रुपए मिले।