घरेलू शेयर बाजार गुरुवार को मिले-जुले रुख के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 113.61 अंक यानी 0.15 प्रतिशत बढ़कर 78,079.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 40.10 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 24,395.85 पर आ गया। धातु, दवा और सरकारी बैंकों के शेयरों में कमजोरी का असर बाजार पर देखने को मिला।
भारत और अमेरिका में महंगाई के आंकड़े अनुमान से बेहतर रहने के कारण निवेशकों का भरोसा बना रहा। इससे उम्मीद बढ़ी है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व और RBI आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर जल्दबाजी नहीं करेंगे।
हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण बाजार की बढ़त सीमित रही। नायर के अनुसार, आने वाले दिनों में बाजार की दिशा ऊर्जा बाजार, भू-राजनीतिक जोखिम और विदेशी निवेश के प्रवाह पर निर्भर करेगी।
क्षेत्रवार कारोबार में ज्यादातर सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। निफ्टी मेटल 1.28 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.42 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक 0.58 प्रतिशत नीचे रहे।
इसके विपरीत निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी आईटी और निफ्टी मीडिया बढ़त के साथ बंद हुए।
धातु कंपनियों के शेयरों में कमजोरी निफ्टी पर दबाव डालने वाले प्रमुख कारणों में रही। हालांकि कुछ क्षेत्रों में खरीदारी के कारण बाजार की कुल गिरावट सीमित रही।
ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत 1.70 प्रतिशत गिरकर 87.47 डॉलर प्रति बैरल रही, लेकिन इसके बावजूद कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं।
टाटा समूह की कंपनियों के शेयर लगातार दूसरे दिन मिले-जुले रहे। टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के मौजूदा कार्यकाल के बाद 20 फरवरी 2027 को दोबारा पद के लिए नाम नहीं देने के फैसले के बाद समूह की कंपनियों में अलग-अलग रुख देखने को मिला।
TCS 0.35 प्रतिशत बढ़कर 2,358 रुपये, जबकि टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स 1.52 प्रतिशत बढ़कर 348 रुपये पर बंद हुआ। टाटा केमिकल्स भी 0.14 प्रतिशत बढ़कर 674 रुपये पर पहुंचा।
वहीं, टाइटन कंपनी 1.18 प्रतिशत गिरकर 5,036 रुपये और वोल्टास 0.34 प्रतिशत गिरकर 1,285 रुपये पर बंद हुआ।
एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 225 1.28 प्रतिशत, ताइवान का सूचकांक 1 प्रतिशत से अधिक और दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3.44 प्रतिशत बढ़कर बंद हुआ। वहीं सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स 0.01 प्रतिशत और हांगकांग का हैंग सेंग 0.21 प्रतिशत गिरा।
कुल मिलाकर, घरेलू शेयर बाजार में मिला-जुला रुख रहा। सेंसेक्स बढ़त के साथ बंद हुआ, जबकि निफ्टी गिरावट में रहा। महंगाई के बेहतर आंकड़ों और कंपनियों के मजबूत प्रदर्शन से बाजार को सहारा मिला, लेकिन धातु, दवा और सरकारी बैंक के शेयरों में कमजोरी तथा कच्चे तेल की ऊंची कीमतों ने बढ़त को सीमित रखा।