चंडीगढ़ : हरियाणा में सफाई, सीवर, पालिका और फायर कर्मचारियों का आंदोलन लगातार जोर पकड़ रहा है। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा एवं हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने हड़ताल को आगे बढ़ाने का फैसला किया है। प्रदेशभर की नगर पालिकाओं, नगर परिषदों, नगर निगमों और फायर विभाग में 18 अगस्त तक कामकाज प्रभावित रहेगा। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते के अनुसार मांगों के क्रियान्वयन संबंधी पत्र जारी होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा।
स्वतंत्रता दिवस पर भी जारी रहा विरोध
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रदेश के पालिका परिषद और नगर निगम कार्यालयों में हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान ‘स्वतंत्र भारत में स्वदेशी सरकारों द्वारा सफाई एवं सीवर कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार क्यों’ विषय पर विचार गोष्ठियों का आयोजन किया गया। इनमें सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक, किसान, मजदूर, दलित और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लेकर कर्मचारियों की मांगों का समर्थन किया।
सरकार से वार्ता विफल होने का दावा
शनिवार को सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया कि सरकार बातचीत के नाम पर केवल औपचारिकता निभा रही है। उन्होंने कहा कि 13 मई को कर्मचारियों की 17 मांगों पर सहमति बनी थी, लेकिन इसके बावजूद उनके क्रियान्वयन के संबंध में अभी तक आवश्यक पत्र जारी नहीं किए गए हैं।
पक्की भर्ती और ठेका प्रथा खत्म करने की मांग
कर्मचारी संगठनों की प्रमुख मांगों में पालिका रोल पर कार्यरत अनुबंध और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को नियमित करना, ठेका प्रथा समाप्त करना तथा रिक्त पदों पर नियमित भर्ती करना शामिल है। इसके अलावा सफाई और सीवर कर्मचारियों की स्थायी भर्ती की मांग भी प्रमुखता से उठाई जा रही है।
फायर विभाग के अनुबंध कर्मचारियों को नियमित करने के साथ-साथ शहीद कर्मचारी भविष्य चंद्र और रणवीर के आश्रितों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने, वर्दी भत्ता और जोखिम भत्ता लागू करने की मांग भी संगठन ने रखी है।
सांसदों-विधायकों से विधानसभा में आवाज उठाने की अपील
कर्मचारी संगठनों ने अब आंदोलन को राजनीतिक स्तर पर भी आगे बढ़ाने का फैसला किया है। 17 अगस्त से सांसदों और विधायकों को मांग पत्र एवं ज्ञापन सौंपे जाएंगे। कर्मचारी नेताओं ने जनप्रतिनिधियों से 27 अगस्त से शुरू होने वाले हरियाणा विधानसभा के सत्र में उनकी मांगों को प्रमुखता से उठाने की अपील की है।
इसके साथ ही कर्मचारी संगठन राजनीतिक दलों तथा विभिन्न मजदूर और कर्मचारी संगठनों से भी आंदोलन के समर्थन की अपील करेंगे। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि जब तक 13 मई के समझौते को धरातल पर लागू करने के लिए आधिकारिक पत्र जारी नहीं होते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।