रोहतक : अग्रवाल वैश्य समाज की महिला इकाई द्वारा प्रदेश स्तरीय तीज महोत्सव भव्य आयोजन धूमधाम के साथ मनाया गया। स्थानीय जैड ग्लोबल स्कूल में हरियाणवी एवं राजस्थानी संस्कृति के रंगों से सजे इस कार्यक्रम में महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों, लोकगीतों, नृत्य, मनोरंजक प्रतियोगिताओं और स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ तीज पर्व की जीवंत परंपरा को प्रस्तुत किया।
कार्यक्रम में प्रदेशभर से पहुंची समाज की महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और पूरे आयोजन को उमंग और उल्लास से सराबोर कर दिया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेवी संध्या जैन तथा उद्घाटनकर्ता समाजसेवी मीनू बुवानीवाला रहीं। इसके अलावा डॉ. चारू गुप्ता, प्राची गर्ग, राजरानी सुधा अग्रवाल, मीरा बंसल जैसी विख्यात महिलाएं बतौर विशिष्ट अतिथि उपस्थित रही। आयोजन स्थल पर महिलाओं के लिए विशेष रूप से पारंपरिक वातावरण तैयार किया गया। पूरे आयोजन के दौरान पारंपरिक गीतों की गूंज, झूलों की मस्ती, रंग-बिरंगे परिधानों की छटा, नृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां, प्रतियोगिताओं का रोमांच और स्वादिष्ट व्यंजनों की खुशबू ने वातावरण को उत्सवमय बनाए रखा।
प्रदेशभर से पहुंची वैश्य महिलाओं की उपस्थिति में दीप प्रज्जवलन के साथ आरंभ हुए कार्यक्रम को अपना संबोधन देते हुए मुख्यातिथि संध्या जैन ने कहा कि लोकगीतों, लोकनृत्यों और पारंपरिक परिधानों से सजा तीज का त्योहार हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पहचान का प्रतीक है। ऐसे उत्सव हमारी लोक परंपराओं को जीवंत बनाए रखने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जोडऩे का कार्य करते हैं। इन्हें केवल किताबों तक सीमित रखने के बजाय उत्सवों और सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से जीवंत बनाए रखना आवश्यक है।
उद्घाटनकर्ता मीनू बुवानीवाला ने कहा कि तीज का पर्व महिलाओं के उल्लास, सौंदर्य, स्नेह और सामाजिक एकजुटता का प्रतीक है। उन्होंने महिलाओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं। आधुनिक जीवनशैली के बीच भी हमें अपनी लोक संस्कृति और पारंपरिक त्योहारों को उत्साह के साथ मनाते रहना चाहिए।
समाज की महिला इकाई की प्रदेशाध्यक्ष सुशीला सर्राफ ने कहा कि तीज महोत्सव महिलाओं की प्रतिभा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास को सामने लाने का शानदार मंच है। महिलाओं की सामाजिक भागीदारी को समाज की मजबूती का आधार बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से जुडऩे और अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि आयोजन में गीत-संगीत, नृत्य, पारंपरिक वेशभूषा और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से महिलाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला है।
इस मौके पर अग्रवाल वैश्य समाज के प्रदेश अध्यक्ष अशोक बुवानीवाला, कार्यकारी अध्यक्ष सुभाष तायल, सहमहासचिव हरिओम मित्तल भाली, सचिव अंकुश जैन एवं विकास गोयल, संगठन सचिव प्रेमचंद गर्ग, महिला इकाई की प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष निशी गुप्ता, समाजसेवी अनीता तायल, महक जैन, बबीता गुप्ता, उपाध्यक्ष नीता गुप्ता, सचिव रितु बंसल, महासचिव पायल गोयल, कोषाध्यक्ष निशा मंगल, डॉ. अंजु अग्रवाल बहादुरगढ़, डिम्पल सिंगला जींद, संतोष जैन चरखी दादरी, रोहतक महिला जिलाध्यक्ष बृजबाला गुप्ता, महिला विधानसभा अध्यक्ष आशा गर्ग, डॉ. निधी मित्तल, सोनल गर्ग, कोमल जैन, पूजा गर्ग, निधि गुप्ता, मंजू जिंदल, डॉ. अलका मित्तल भिवानी, रितु गोयल सोहना, मिनाक्षी सिंगला जींद, सविता गर्ग पानीपत, सरोज गोयल सफीदों, रेखा गर्ग कुरूक्षेत्र, गायत्री बंसल भिवानी सहित प्रदेशभर से अनेक महिलाएं उपस्थित रही।
हरियाणवी और राजस्थानी लोकगीतों पर थिरकीं महिलाएं
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक मंगल गीतों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुई। हरियाणवी और राजस्थानी लोकगीतों पर महिलाओं ने शानदार नृत्य प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। लोक संस्कृति के रंगों में रंगी प्रस्तुतियों ने उपस्थित महिलाओं को अपनी जड़ों और परंपराओं से जोडऩे का काम किया। विशेष आकर्षण के रूप में रेडियो एवं टीवी कलाकार बबीता जैन झांझरी की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। उनके मधुर गीतों और मनोरंजक अंदाज ने दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन
महोत्सव में विभिन्न प्रकार की मनोरंजक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं जिनमें मेहंदी प्रतियोगिता एवं सर्वश्रेष्ठ परिधान एवं अन्य प्रतियोगिताओं और विभिन्न मनोरंजक गेम्स में प्रतिभागियों ने अपनी कला एवं रचनात्मकता का प्रदर्शन किया। इन प्रतियोगिताओं में निर्णायक मंडल में शामिल अक्षरा गुप्ता, मिनाक्षी सिंगला, आशा मित्तल और रेखा गर्ग ने विजेता प्रतिभागियों का चुनाव किया जिन्हें उपस्थित अतिथियों द्वारा पुरस्कृत किया गया।
देशभक्ति गीतों से समा बांधा
कार्यक्रम के दौरान स्वतंत्रता दिवस की देशभक्ति से ओत-प्रोत प्रस्तुतियों ने भी खूब समां बांधा। देशभक्ति गीतों, नृत्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से कलाकारों ने वीर शहीदों के बलिदान और राष्ट्रप्रेम की भावना को जीवंत कर दिया। तिरंगे के रंगों और देशभक्ति के जज्बे से सजे इन कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को राष्ट्रभक्ति के रंग में रंग दिया और उपस्थित जनसमूह में जोश एवं उत्साह भर दिया।