हमीरपुर : पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर हमीरपुर दौरे पर हैं। वह शनिवार को टिप्पर में आयोजित अल्पकालीन विस्तारक प्रशिक्षण वर्ग में वरिष्ठ पदाधिकारियों और पार्टी के सहयोगियों के साथ शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान प्रैस बयान में सुक्खू सरकार के फैसलों के बार-बार न्यायालय में असंवैधानिक सिद्ध होने पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स्वयं को कानून का उच्चकोटि का जानकार और अध्ययनकर्त्ता बताते हैं, उनके मित्रमंडल और सलाहकारों की फौज के बाद भी बार-बार न्यायालय में सरकार की फजीहत क्यों होती है। उन्होंने कहा कि व्यवस्था परिवर्तन का नारा देकर मुख्यमंत्री असंवैधानिक नियमों, नीतियों और फैसलों का रिकॉर्ड बना रहे हैं।
उन्हें समझना चाहिए कि अदालत में जनसभाओं वाले झूठ नहीं चलते हैं। उन्होंने उच्च न्यायालय द्वारा मैडीकल अफसरों की भर्ती में जॉब ट्रेनी बनाए जाने के फैसले को असंवैधानिक बताते हुए रद्द करने का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि बार-बार अदालत में हो रही फजीहत से सरकार क्या साबित करना चाहती है। अगर मुख्यमंत्री को कानून की जानकारी नहीं है तो वह वास्तविक कानूनविदों की राय क्यों नहीं लेते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं की यह बात सच साबित हो रही है कि मुख्यमंत्री किसी की नहीं सिर्फ अपनी सुनते हैं। अगर वह अपने मित्रों की नहीं तो विपक्ष की ही बात सुन लेते, तो इस तरह किरकिरी नहीं होती।
उन्होंने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार की उपेक्षा के कारण प्रदेश के अस्पतालों और मैडीकल कालेजों की हालत खस्ता हो चुकी है। मुख्यमंत्री केंद्र सरकार के सहयोग से मशीनें तो खरीद रहे हैं, लेकिन उन्हें चलाने वाला स्टाफ नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एम.आर.आई. जैसी मशीनें आ चुकी हैं, लेकिन उन्हें ऑप्रेट करने के लिए तकनीशियन तैनात नहीं हैं। वहीं प्रदेश के सुपर स्पैशलिटी अस्पताल में पिछले 10 महीने से ओपन हार्ट सर्जरी बंद पड़ी है। इसी के साथ अस्पतालों में जहां मशीन और तकनीशियन दोनों हैं, वहां जांच में लगने वाले कैमिकल और असैसरीज का अकाल है।
उन्होंने कहा कि विडंबना यह है कि सुक्खू सरकार में ऐसे-ऐसे कानून बनाए गए जो हास्यास्पद और संविधान की मूल भावना के खिलाफ नजर आते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर संविधान और व्यवस्था की गरिमा तार-तार करते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को यह समझना चाहिए कि झूठ के भरोसे लोगों का जीवन नहीं बचाया जा सकता है, इसलिए वह घूम-घूम कर झूठ बोलकर लोगों की जान से खिलवाड़ करना बंद करें।