शिमला : शिमला पुलिस ने वर्ष 2026 के दौरान अब तक पांच माह में नशा तस्करी और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस द्वारा अब तक एनडीपीएस एक्ट के तहत 136 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें 291 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का यह अभियान जिला में नशे के बढ़ते कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए लगातार जारी है। पुलिस ने वैज्ञानिक और पेशेवर जांच के माध्यम से मामलों की पड़ताल करते हुए नशे की सप्लाई चेन तक पहुंच बनाई है।
बैकवर्ड लिंकज स्थापित कर पुलिस ने नशा तस्करी गिरोह के 43 मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, केरल तथा भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र से जुड़े आरोपी शामिल हैं। जिला शिमला पुलिस ने इस अभियान के दौरान 33 अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय नशा आपूर्ति नेटवर्कों को ध्वस्त करने में भी सफलता प्राप्त की है।
पांच महीने में पौने दो किलो चिट्टा पकड़ा
वर्ष 2026 में अब तक पुलिस ने 1.85 किलोग्राम चिट्टा, 50 ग्राम मेथामफेटामाइन, 11.6 ग्राम एलएसडी, 14 किलोग्राम चरस तथा 11.5 ग्राम अफीम बरामद की है। यह बरामदगी राजधानी शिमला में सक्रिय नशा तस्करी गिरोहों के खिलाफ चल रही सघन कार्रवाई की सफलता को दर्शाती है।
सवा करोड़ की संपत्ति फ्रीज
अब तक लगभग एक करोड़ 13 लाख रुपए मूल्य की संपत्तियां फ्रीज की जा चुकी हैं। इनमें लग्जरी वाहन, मकान और नकदी शामिल हैं। पुलिस का उद्देश्य नशा कारोबार से अर्जित अवैध संपत्ति पर रोक लगाना और तस्करों की आर्थिक गतिविधियों को कमजोर करना है।
40 आदतन नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई
शिमला पुलिस ने आदतन नशा तस्करों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करते हुए पीट एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत प्रभावी कदम उठाए हैं। पुलिस द्वारा अब तक 40 ऐसे आदतन नशा तस्करों के खिलाफ निरोधात्मक डिटेंशन की कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है।
नशा मुक्त हिमाचल का टारगेट
एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करी के खिलाफ सप्लाई नेटवर्क से लेकर अवैध संपत्तियों तक कार्रवाई की रणनीति पर काम किया जा रहा है। भविष्य में भी ऐसे तत्त्वों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी और नशा मुक्त शिमला के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अभियान को और तेज किया जाएगा।