Monday, July 20, 2026
BREAKING
दिल्ली हाईकोर्ट ने सोनम वांगचुक को मेदांता शिफ्ट करने से किया इनकार, 24 जुलाई को अगली सुनवाई अमित शाह ने कोलकाता में 'म्यूजियम ऑफ वर्ड' का किया उद्घाटन, बोले- भाषा के बिना संस्कृति अधूरी राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: आरोपी टिन्नू यादव और मनीष यादव से पूछताछ जारी, मंदिर ले जाया गया पंजाब के सरकारी स्कूलों के 881 छात्रों ने नीट पास करके नया इतिहास रचा: भगवंत मान फाजिल्का में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 760 ग्राम हेरोइन और अवैध हथियारों के साथ 6 आरोपी गिरफ्तार 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के 500 दिन पूरे, पंजाब पुलिस ने 629 बड़े ड्रग तस्करों को किया गिरफ्तार: डीजीपी नीति आयोग की रिपोर्ट ने निवेश को लेकर आप सरकार के झूठे दावों की खोली पोल: ढिल्लों समाज व प्रकृति का कर्ज सेवा से ही उतरेगा, संसार में कुछ भी मुफ्त नहीं : अनिल विज राजस्व विभाग में डिजिटल बदलाव से पारदर्शी, प्रभावी और नागरिक-केंद्रित सेवाएं हो रही सुनिश्चित : नायब सिंह सैनी सशक्त शक्ति केंद्र से और सशक्त होगा संगठन: डा. अर्चना गुप्ता

हिमाचल

Shimla: 16वें वित्त आयोग से हिमाचल को हर वर्ष 10 हजार करोड़ का नुक्सान : अग्निहोत्री

02 फ़रवरी, 2026 06:45 PM

शिमला : उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट और 16वें वित्त आयोग की सिफारिशों के चलते हिमाचल को हर वर्ष लगभग 10 हजार करोड़ रुपए का सीधा वित्तीय नुक्सान उठाना पड़ेगा। उन्होंने सोमवार को शिमला से जारी बयान में कहा कि यह कोई अस्थायी घाटा नहीं, बल्कि प्रदेश की वित्तीय संरचना को कमजोर करने वाला दीर्घकालिक संकट है, जो हिमाचल के लिए किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि जीएसटी व्यवस्था पहले ही हिमाचल जैसे पर्वतीय और सीमित राजस्व संसाधनों वाले राज्यों के लिए नुक्सानदेह सिद्ध हो चुकी है। जीएसटी क्षतिपूर्ति समाप्त होने से प्रदेश को पहले बड़ा आर्थिक झटका लगा और अब राजस्व घाटा अनुदान (आर.डी.जी.) को समाप्त कर केंद्र सरकार ने दूसरा गंभीर आघात दिया है।

उन्होंने दो टूक कहा कि यह निर्णय किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश का कुल बजट लगभग 58 हजार करोड़ रुपए का है, जिसमें राजस्व व्यय का बड़ा हिस्सा वेतन, पैंशन और अन्य अनिवार्य मदों पर खर्च हो जाता है। ऐसे में केंद्रीय सहायता में किसी भी प्रकार की कटौती का सीधा असर प्रदेश के विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं पर पड़ना स्वाभाविक है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 5 वर्षों में हिमाचल प्रदेश को लगभग 38 हजार करोड़ रुपए आरडीजी. के रूप में प्राप्त हुए थे। वर्तमान आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए यह स्वाभाविक अपेक्षा थी कि यह सहायता बढ़कर 50 हजार करोड़ रुपए तक पहुंचेगी, लेकिन इसके विपरीत आरडीजी को ही समाप्त कर दिया गया, जिससे प्रदेश के सामने गंभीर वित्तीय चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।

संवैधानिक दायित्व का हिस्सा
अग्निहोत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश के गठन के समय ही यह स्पष्ट था कि विशेष भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यह राज्य आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं हो सकता। प्रदेश का गठन यहां के लोगों की राजनीतिक आकांक्षाओं और दुर्गम भौगोलिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए किया गया था। उसी समय राष्ट्रीय स्तर पर यह सहमति बनी थी कि केंद्र सरकार हिमाचल को विशेष वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि केंद्र पर निर्भरता कोई कमजोरी नहीं, बल्कि संवैधानिक दायित्व का हिस्सा है।

वर्ष 1952 से परंपरा रही
उप मुख्यमंत्री ने कहा है कि वर्ष 1952 से लेकर अब तक केंद्र सरकार द्वारा हिमाचल को विशेष वित्तीय सहायता देने की परंपरा रही है। राजस्व घाटा अनुदान उसी परंपरा का संस्थागत स्वरूप था। इसे समाप्त करना प्रदेश के साथ नीतिगत अन्याय है। अग्निहोत्री ने कहा कि यह निर्णय संघीय ढांचे की भावना के भी विरुद्ध है। बड़े राज्यों के पास पर्याप्त संसाधन और राजस्व के साधन उपलब्ध हैं, जबकि आरडीजी समाप्त होने से पर्वतीय राज्यों, उत्तर-पूर्वी राज्यों और विशेष परिस्थितियों वाले प्रदेशों को सबसे अधिक नुक्सान उठाना पड़ेगा।

भाजपा सांसद-नेता प्रतिपक्ष करें मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट
उपमुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के सातों सांसदों तथा नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से सवाल किया कि वे इस मुद्दे पर स्पष्ट करें कि वे केंद्र के फैसलों के साथ हैं या हिमाचल प्रदेश के साथ। उन्होंने कहा कि 10 हजार करोड़ रुपए के वार्षिक नुक्सान जैसे गंभीर विषय पर मौन रहना प्रदेश के हितों से सीधा समझौता है, जिसे प्रदेश की जनता माफ नहीं करेगी।

 
 

Have something to say? Post your comment

और हिमाचल खबरें

संत रामपाल से मिले पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, राजनीति से संन्यास की कही बात

संत रामपाल से मिले पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर, राजनीति से संन्यास की कही बात

एक जिला तीन उत्पाद कार्यक्रम से हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा: CM

एक जिला तीन उत्पाद कार्यक्रम से हिमाचल प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा: CM

CM बोले- जल्द लागू होगी नई औद्योगिक नीति, उद्योगों को उपलब्ध करवाई जाएगी सस्ती बिजली

CM बोले- जल्द लागू होगी नई औद्योगिक नीति, उद्योगों को उपलब्ध करवाई जाएगी सस्ती बिजली

हमीरपुर में स्थापित होगा डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर, खर्च होंगे 300 करोड़, CM ने की घोषणा

हमीरपुर में स्थापित होगा डेंटल हेल्थ रिसर्च सेंटर, खर्च होंगे 300 करोड़, CM ने की घोषणा

नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने जताया CM का आभार, शेष मांगों के शीघ्र समाधान की मांग

नई पेंशन स्कीम कर्मचारी महासंघ ने जताया CM का आभार, शेष मांगों के शीघ्र समाधान की मांग

Shimla: 20 जुलाई को मंत्रिमंडल बैठक, विधानसभा के मानसून सत्र पर लग सकती है मुहर

Shimla: 20 जुलाई को मंत्रिमंडल बैठक, विधानसभा के मानसून सत्र पर लग सकती है मुहर

CM सुक्खू ने की घोषणा: शिमला डैंटल कॉलेज का बदला नाम, हमीरपुर को 300 करोड़ के डैंटल रिसर्च सैंटर की सौगात

CM सुक्खू ने की घोषणा: शिमला डैंटल कॉलेज का बदला नाम, हमीरपुर को 300 करोड़ के डैंटल रिसर्च सैंटर की सौगात

Himachal: कांगड़ा में नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, 154.51 ग्राम चिट्टे और 1.412 KG चरस के साथ 7 तस्कर गिरफ्तार

Himachal: कांगड़ा में नशे के खिलाफ पुलिस का बड़ा एक्शन, 154.51 ग्राम चिट्टे और 1.412 KG चरस के साथ 7 तस्कर गिरफ्तार

PM मोदी ने किया दौलतपुर चौक-करटोली रेलखंड का उद्घाटन, करटोली-अंबाला एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी

PM मोदी ने किया दौलतपुर चौक-करटोली रेलखंड का उद्घाटन, करटोली-अंबाला एक्सप्रेस को दिखाई हरी झंडी

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर बस हादसे के घायलों का जाना कुशलक्षेम, बेहतर उपचार के दिए निर्देश

मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने रामपुर बस हादसे के घायलों का जाना कुशलक्षेम, बेहतर उपचार के दिए निर्देश