शिमला : हिमाचल ने रूफटाप सोलर सयंत्र स्थापित करने में देश भर में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इसके तहत सोलर मंथ में सर्वाधिक रूफटाप स्थापित करने पर हिमाचल देश भर में तीसरे पायदान पर रहा है। लिहाजा नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने प्रदेश को सम्मान दिया है। लिहाजा केंद्र से मिले इस सम्मान को अधिकारियों ने राज्य बिजली बोर्ड के अध्यक्ष प्रबोध सक्सेना को सौंपा है। जानकारी के अनुसार स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत मई 2026 को मनाए गए सोलर मंथ के दौरान सर्वाधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित करने वाले राज्यों में हिमाचल प्रदेश ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया है। इस उल्लेखनीय उपलब्धि के लिए भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने राज्य को राष्ट्रीय सम्मान से नवाजा है। दिल्ली में साल ही में आयोजित समारोह में केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने प्रदेश को यह सम्मान प्रदान किया। यह पुरस्कार राज्य द्वारा रूफटॉप सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने, स्वच्छ ऊर्जा अपनाने और प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिया गया है।
अहम है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है, जब हिमाचल देश के अग्रणी हरित ऊर्जा राज्यों में अपनी पहचान लगातार मजबूत कर रहा है। सीमित भूमि, कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और पर्वतीय क्षेत्रों की चुनौतियों के बावजूद प्रदेश ने सौर ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है। राज्य में हजारों परिवार प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत अपने घरों की छतों पर सोलर संयंत्र स्थापित कर चुके हैं। जिससे न केवल उनकी बिजली लागत में कमी आई है, बल्कि अतिरिक्त बिजली उत्पादन के माध्यम से आय के नए अवसर भी सृजित हुए हैं। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं और ऊर्जा विभाग के प्रयासों के कारण हिमाचल में नवीकरणीय ऊर्जा को लेकर लोगों की रुचि लगातार बढ़ रही है। आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने, उपभोक्ताओं को तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने और केंद्र सरकार की सब्सिडी का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए विशेष अभियान चलाए गए। यही कारण है कि मई माह के दौरान रूफटॉप सोलर स्थापना के मामले में हिमाचल ने कई बड़े राज्यों को पीछे छोड़ते हुए राष्ट्रीय स्तर पर तीसरा स्थान हासिल किया। बता दें कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना में मिली यह उपलब्धि प्रदेश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल घरेलू उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा बल्कि राज्य के स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों को हासिल करने में भी मदद मिलेगी। उधर, राज्य सरकार ने इस सम्मान को प्रदेशवासियों, ऊर्जा विभाग, विद्युत बोर्ड, हिम ऊर्जा तथा योजना से जुड़े सभी हितधारकों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बताया है। सरकार का कहना है कि आने वाले समय में और अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोडऩे के लिए अभियान तेज किया जाएगा, ताकि हिमाचल प्रदेश देश में हरित और स्वच्छ ऊर्जा विकास का अग्रणी मॉडल बन सके।
हरित ऊर्जा राज्य बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा हिमाचल
हिमाचल पहले ही देश का पहला ग्रीन एनर्जी स्टेट बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार वर्ष 2027 तक हिमाचल को हरित ऊर्जा राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में कार्य कर रही है। सौर ऊर्जा, जल विद्युत, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक मोबिलिटी जैसे क्षेत्रों में कई महत्वाकांक्षी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। प्रदेश की पहचान लंबे समय से स्वच्छ जल विद्युत उत्पादन के लिए रही है। देश के विभिन्न राज्यों को बिजली उपलब्ध कराने वाला हिमाचल अब सौर ऊर्जा उत्पादन में भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। हाल के वर्षों में प्रदेश में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं के साथ-साथ बड़े सौर ऊर्जा पार्कों और ग्रीन हाइड्रोजन परियोजनाओं पर भी तेजी से काम हो रहा है।
पहले भी मिल चुके हैं कई राष्ट्रीय सम्मान
हिमाचल प्रदेश को नवीकरणीय ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में पूर्व में भी कई राष्ट्रीय स्तर की सराहनाएं मिल चुकी हैं। ऊर्जा दक्षता कार्यक्रमों, स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में किए गए प्रयासों के कारण प्रदेश को देश के अग्रणी पर्यावरण-अनुकूल राज्यों में गिना जाता है।