हमीरपुर : भाजपा प्रदेश महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद डॉ. सिकंदर कुमार ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू से शिष्टाचार भेंट कर हिमाचल प्रदेश के अत्यंत दुर्गम एवं जनजातीय क्षेत्रों—चम्बा की पांगी घाटी, लाहौल-स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा के बड़ा भंगाल तथा शिमला के डोडराक्वार के लिए स्थायी एयर एम्बुलैंस सेवा स्वीकृत करने की मांग उठाई। इस संबंध में उन्होंने केंद्रीय मंत्री को पत्र भी सौंपा। डॉ. सिकंदर कुमार ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि हिमाचल प्रदेश के ये दुर्गम क्षेत्र वर्ष में लगभग 8 से 9 महीने तक भारी बर्फबारी और प्राकृतिक आपदाओं के कारण देश के अन्य हिस्सों से प्रभावित रहते हैं।
विशेष रूप से पांगी घाटी का मुख्य मार्ग लगभग 14,500 फुट ऊंचे साच पास से होकर गुजरता है, जो लंबे समय तक बंद रहता है। ऐसी परिस्थितियों में गंभीर मरीजों को 250 से 300 किलोमीटर दूर अस्पतालों तक पहुंचाना अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे कई बार जीवन पर संकट उत्पन्न हो जाता है। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में विशेषज्ञ चिकित्सकों और आधुनिक जीवनरक्षक उपकरणों का अभाव है। हृदयाघात, गंभीर दुर्घटनाओं, गर्भावस्था की जटिलताओं तथा अन्य मैडीकल आपात स्थितियों में केवल सड़क मार्ग पर निर्भर रहना मरीजों के लिए जोखिमपूर्ण है। ऐसे में नागरिक उड्डयन मंत्रालय के सहयोग से समर्पित एवं स्थायी एयर एम्बुलैंस सेवा इन क्षेत्रों के हजारों लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी।
डॉ. सिकंदर कुमार ने आग्रह किया कि हिमाचल प्रदेश के चिन्हित जनजातीय एवं अति-दुर्गम क्षेत्रों के लिए स्थायी एयर एम्बुलैंस सेवा को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि किसी भी मैडीकल इमरजैंसी में मरीजों को तत्काल एयरलिफ्ट कर बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जा सके।
समाधान निकालेंगे : केंद्रीय मंत्री
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इस मांग को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि इस विषय पर हिमाचल प्रदेश सरकार से समन्वय स्थापित कर शीघ्र स्थायी समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा, ताकि दुर्गम क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकें।