शिमला : भारत सरकार के डिपार्टमेंट फॉर प्रोमोशन ऑफ इंडस्ट्री एंड इंटरनल ट्रेड की कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेग्युलेशन पहल के तहत हिमाचल सरकार ने राज्य में उद्योग लगाने की प्रक्रिया को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर राज्य सिंगल विंडो समिति एवं मॉनीटरिंग अथॉरिटी को सभी औद्योगिक क्षेत्रों और पार्कों के लिए सिंगल नोडल एजेंसी घोषित किया है। नई व्यवस्था के तहत उद्योग स्थापित करने, निर्माण कार्य, बिजली-पानी जैसे यूटिलिटी कनेक्शन तथा संचालन से संबंधित सभी जरूरी मंजूरियां अब एकीकृत प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध करवाई जाएंगी। सरकार का कहना है कि इससे निवेशकों को विभिन्न विभागों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और मंजूरियों की प्रक्रिया समयबद्ध होगी।
राज्य सरकार ने इसके लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम नाम से ऑनलाइन पोर्टल भी शुरू किया है। पोर्टल का संचालन उद्योग विभाग की निगरानी में अर्नेस्ट एंड यंग द्वारा किया जाएगा। अधिसूचना के अनुसार पोर्टल के जरिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित किया जाएगा। आवेदन प्राप्त करने, दस्तावेजों की जांच, आवेदन की ट्रैकिंग, समय-सीमा की निगरानी, डिजिटलीकरण और हेल्पडेस्क सहायता जैसी सेवाएं भी इसी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होंगी।
सभी विभागों से मांगा सहयोग
सरकार ने स्पष्ट किया है कि स्वीकृति देने, अस्वीकृत करने, संशोधन या निलंबन का अधिकार संबंधित सिंगल नोडल एजेंसी और राज्य सरकार के पास ही रहेगा। सभी विभागों और हितधारकों को इस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए सहयोग देने के निर्देश दिए गए हैं। यह अधिसूचना तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।