मुंबई : मध्य पूर्व में बढ़ते संघर्ष के कारण भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:19 पर सेंसेक्स 963 अंक या 1.25 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 75,899 और निफ्टी 303 अंक या 1.27 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,563 पर था। शुरुआती कारोबार में बाजार में करीब सभी सूचकांक लाल निशान में थे। ऑटो, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मीडिया, रियल्टी, मेटल, पीएसयू बैंक, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग में सबसे अधिक दबाव था।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी गिरावट देखी जा रही है। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,070 अंक या 1.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 55,390 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 286 अंक या 1.75 प्रतिशत की गिरावट के साथ 16,127 पर था। सेंसेक्स पैक में इटरनल, इंडिगो, एमएंडएम, टाटा स्टील, ट्रेंट, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, एलएंडटी, मारुति सुजुकी,बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, कोटक महिंद्रा बैंक, बजाज फिनसर्व, एक्सिस बैंक, बीईएल, आईटीसी, इन्फोसिस और एचडीएफसी बैंक लूजर्स थे। दूसरी तरफ टेक महिंद्रा और एचसीएल टेक गेनर्स थे। ज्यादा एशियाई बाजारों में बिकवाली है। टोक्यो, शंघाई, हांगकांग, सोल, बैंकॉक और जकार्ता के बाजार लाल निशान में खुले थे। अमेरिकी बाजार का मुख्य सूचकांक डाओ बुधवार को लाल निशान में बंद हुआ था। बाजार में गिरावट की वजह मध्य पूर्व में बढ़ता तनाव है।
अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच संघर्ष में अब तेल टैंकरों को निशाना बनाया जा रहा है, जिससे इसमें और इजाफा हो गया है। इस कारण से कच्चे तेल में बड़ी तेजी देखी जा रही है। खबर लिखे जाने तक ब्रेंट क्रूड 9.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.54 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड भी करीब 9 प्रतिशत की तेजी के साथ 95.14 डॉलर प्रति बैरल पर था। विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बिकवाली जारी रखे हुए हैं और बुधवार को इक्विटी में 6,267.31 करोड़ रुपए की बिकवाली की थी। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशक (डीआईआई) ने 4,965.53 करोड़ रुपए इक्विटी में निवेश किए थे।