शिमला : मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने शिक्षा विभाग को राजीव गांधी राजकीय आदर्श डे-बोर्डिंग स्कूलों की स्थापना में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। प्रदेश सरकार प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम से कम एक ऐसा स्कूल स्थापित करने का प्रयत्न कर रही है जिससे दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सके। इन स्कूलों में प्री-प्राइमरी कक्षा से लेकर 12वीं कक्षा तक समग्र शिक्षा प्रदान की जाएगी तथा इनमें स्मार्ट कक्षाएं, खेल मैदान, इंडोर स्टेडियम, स्विमिंग पूल तथा अन्य आधुनिक सुविधाओं सहित अत्याधुनिक आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाया जाएगा। राज्य सरकार द्वारा यह पहल हिमाचल प्रदेश में शिक्षा की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए किए जा रहे शिक्षा सुधारों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में राज्य सरकार ने कार्यभार संभालने के पश्चात शिक्षा के स्तर को सुधारने के उद्देश्य से अनेक पहल शुरू की है। शिक्षा विभाग का पुनर्गठन करते हुए स्कूल शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की स्थापना की गई। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन करने और श्रेष्ठ व्यवस्थाओं को प्रदेश के स्कूलों में अपनाने के लिए विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेजा जा रहा है। इसके अतिरिक्त सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को भी विदेशों में शैक्षणिक भ्रमण पर भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षकों की कमी से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए सरकार प्राथमिकता के आधार पर शिक्षकों के पद भर रही है। इसके अतिरिक्त, प्रदेश के 156 स्कूलों को सीबीएसई पाठ्यक्रम से संबद्ध किया जा रहा है तथा इन संस्थानों में कला, विज्ञान और वाणिज्य संकाय शुरू किए जा रहे हैं।