Sunday, October 04, 2026
BREAKING
• 2 साल से भर्तियों के इंतजार में ओवर एज हो रहे युवा, सीईटी तक नहीं करवा पाई सरकार: भूपेंद्र हुड्डा • हरियाणा CMO में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, अरुण गुप्ता की रिटायरमेंट के बाद जानें किसे मिली जिम्मेदारी • हरियाणा STF का बड़ा एक्शन; 5 लाख के इनामी वांछित आरोपी को अवैध हथियारों सहित पकड़ा...हत्या के बाद था फरार • कुरुक्षेत्र में एलिवेटेड रेलवे ट्रैक के साथ बनेगी नई सड़क; सरकार ने दी मंजूरी; ट्रैफिक के लिए मिलेगा वैकल्पिक रास्ता • चंडीगढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई, भारी मात्रा में पनीर की खेप बरामद • पंजाब के लिए गेमचेंजर बनेगा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे! 667 KM कॉरिडोर से सफर होगा आसान • पंजाब के स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए खास खबर, मिलेगी मुफ्त कोचिंग • Shimla: विधानसभा के मानसून सत्र के बाद दूसरी बार टली मंत्रिमंडल बैठक • ​Hamirpur: असंवैधानिक नीतियों, कानूनों और फैसलों का रिकॉर्ड बना रहे हैं सुक्खू : जयराम • हिमाचल में अगले 6 माह में होगी 4 हजार शिक्षकों की नियुक्ति, आऊटसोर्स कर्मचारियों के लिए बनेगी नीति : CM सुक्खू

पंजाब

‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ एआई, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक के माध्यम से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाएगी

13 अगस्त, 2026 07:51 PM
चंडीगढ़ : पंजाब पुलिस न केवल अपराधियों से राज्य के लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपनी प्रमुख पहल ‘सड़क सुरक्षा फोर्स’ (एसएसएफ) के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए मानदंड स्थापित कर रही है। यात्रियों की जान बचाने के लिए समर्पित यह हाईवे पेट्रोल फोर्स ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-आधारित प्रेडिक्टिव प्रणालियों को एकीकृत करके पंजाब पुलिस को भारत की पहली 3डी पुलिस फोर्स बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

समर्पित हाईवे पेट्रोल फोर्स का सकारात्मक प्रभाव उन सड़कों पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जिन पर यह फोर्स तैनात रहती है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक एसएसएफ ने 43,983 सड़क हादसों में पहुंचकर कुल 47,386 लोगों को सहायता प्रदान की। इन कार्रवाइयों के दौरान 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुंचाया गया। इस प्रकार इस फोर्स ने तत्काल आपातकालीन सहायता और चिकित्सा मदद के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित फोर्स के रूप में स्थापित पंजाब एसएसएफ का विशेष ध्यान निर्धारित हाईवे और प्रमुख सड़कों पर गश्त करने पर केंद्रित है। पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था की ड्यूटी के लिए तैनात नहीं किया जाता। उनकी मुख्य जिम्मेदारी सड़क सुरक्षा, तत्काल कार्रवाई और हादसा पीड़ितों की सहायता करना है।

इस फोर्स के पास 144 हाईटेक वाहन और 1,600 से अधिक विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मचारी हैं, जिनमें लगभग 28 प्रतिशत महिला पुलिसकर्मी हैं। एसएसएफ टीमों को महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों तथा प्रमुख जिला सड़कों के 4,100 किलोमीटर क्षेत्र में हर 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। एसएसएफ की टीमें हादसों पर औसतन 6 से 10 मिनट में कार्रवाई करती हैं, जो वैश्विक मानकों की तुलना में काफी तेज है।

‘प्लैटिनम 10 मिनट’ के सिद्धांत पर आधारित एसएसएफ कर्मियों का लक्ष्य हादसा पीड़ितों तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुंचना है, ताकि एंबुलेंस पहुंचने से पहले उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता दी जा सके। एसएसएफ के वाहनों में स्पीड गन, एल्कोमीटर (ब्रेथलाइजर), ई-चालान मशीनें, डैश कैम और प्राथमिक उपचार किट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

इस संबंध में पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने कहा, “कर्मचारियों को क्रैश इन्वेस्टिगेशन और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया सहित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। पिछले दो वर्षों की रिपोर्टें लगातार दर्शाती हैं कि एसएसएफ की निगरानी वाले विशेष हाईवे मार्गों पर सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 45-48 प्रतिशत की बड़ी कमी आई है। एसएसएफ की तैनाती वाले इन मार्गों पर मौतों की संख्या 2023 में 1,955 से घटकर 2024 में 1,016 रह गई। इसका मतलब है कि लगभग एक वर्ष में इन विशेष मार्गों पर करीब 940 लोगों की जान बचाई गई।”

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जनवरी 2024 को जालंधर में एसएसएफ की औपचारिक शुरुआत की थी। पंजाब में सड़क हादसों के कारण होने वाली मौतों की उच्च दर को देखते हुए इस फोर्स का गठन किया गया था, जहां हर रोज औसतन 17-18 लोगों की सड़क हादसों में मौत हो रही थी।

सड़क सुरक्षा के अलावा एसएसएफ की टीमों ने पुलिस प्रवर्तन और लोगों की मदद में भी योगदान दिया है। टीमों ने 6 किलोग्राम अफीम और चोरी किए गए वाहन बरामद किए हैं तथा नकदी और सोना उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाने में भी मदद की है। टीमों ने 12 से अधिक व्यक्तियों को आत्महत्या करने से रोकने, स्कूली बच्चों की मदद करने तथा देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और पर्यटकों की सहायता करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

दूसरे चरण में एसएसएफ का विस्तार

उल्लेखनीय है कि दूसरे चरण के तहत एसएसएफ की कवरेज मौजूदा 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक की जाएगी। ‘विजन एसएसएफ-2047’ की दीर्घकालिक योजना का उद्देश्य सैटेलाइट डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीकों को एकीकृत करके एक समग्र सड़क सुरक्षा तंत्र विकसित करना है।

प्रस्तावित 3डी पुलिसिंग मॉडल में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-आधारित प्रेडिक्टिव प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, संभावित खतरों का पहले से अनुमान लगाने और पुलिस की तत्काल कार्रवाई में मदद मिलेगी। इससे ट्रैफिक और सड़क सुरक्षा पुलिसिंग को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

डीजीपी ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा को डिजिटल प्रवर्तन के साथ एकीकृत करने के उद्देश्य से ‘विजन एसएसएफ-2047’ में सड़क हादसों को न्यूनतम स्तर पर लाना, पूरी तरह हरित मोबिलिटी कॉरिडोर विकसित करना और पंजाब रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक रिसर्च सेंटर (पीआरएसटीआरसी) के तहत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र स्थापित करना शामिल है।”

डीजीपी ने कहा, “इस परियोजना का एकमात्र लक्ष्य विज्ञान, प्रणालियों और आपसी तालमेल के माध्यम से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाना है। पंजाब पुलिस घटना मैपिंग, ट्रैफिक जाम की भविष्यवाणी और आपदा प्रबंधन के लिए सैटेलाइट संचार और जियोस्पेशियल डेटा का उपयोग करेगी। एसएसएफ पहले ही भारत की हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित पहली फोर्स बन चुकी है।”

उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार के नेतृत्व में राज्य ने हाईवे सुरक्षा के लिए भारत की पहली विशेष फोर्स स्थापित की और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के तरीके को बदल दिया। हम तत्काल कार्रवाई, पेशेवर प्रशिक्षण और सर्विस-फर्स्ट दृष्टिकोण पर भरोसा करते हैं। हम इसे अपने जियोसिंक्रोनस नैनो या माइक्रो सैटेलाइट के साथ एकीकृत करने की संभावनाएं भी तलाश रहे हैं।”

एसएसएफ परियोजना विभिन्न इकाइयों के माध्यम से संचालित की जा रही है, जिसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) तकनीकी आधार के रूप में कार्य करता है। यह एआई, आईओटी सेंसर और रियल-टाइम एनालिटिक्स को एकीकृत करके स्वचालित प्रवर्तन, स्मार्ट निगरानी और डेटा-आधारित ट्रैफिक प्लानिंग को सक्षम बनाता है।

ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) आधारित प्रवर्तन, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और मोबाइल इंटरसेप्टरों के माध्यम से पुलिस फोर्स हादसों पर कार्रवाई करने का औसत समय सात मिनट से कम करने में सफल रही है। ‘रोड सेफ्टी पंजाब’ विजन के तहत 7ई फ्रेमवर्क—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इमरजेंसी केयर, एंगेजमेंट और इवैल्यूएशन—के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन में बदलाव लाया जा रहा है। यह रणनीति सहज अनुमान-आधारित प्रबंधन से हटकर साक्ष्य-आधारित और तकनीक-आधारित दृष्टिकोण की ओर बदलाव को दर्शाती है।

दूसरी ओर, पीआरएसटीआरसी अनुसंधान, परामर्श और प्रशिक्षण का नेतृत्व करता है। इसे शिक्षा जगत, उद्योग और सिविल सोसाइटी से जुड़े रिसर्च एडवाइजरी ग्रुप्स (आरएजी) का सहयोग प्राप्त है। आईआईटी, एनआईटी, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, जीएनडीईसी लुधियाना और जीएनडीयू अमृतसर जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से पीआरएसटीआरसी क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के लिए एक अम्ब्रेला संस्था के रूप में कार्य कर रहा है। यह साझा डेटा, साझा परियोजनाओं और इंटर्नशिप के माध्यम से नई पहलों को प्रोत्साहित कर रहा है।

अन्य राज्यों की तुलना में उपलब्ध आंकड़े दर्शाते हैं कि हाईवे सुरक्षा, तकनीक के इस्तेमाल और सार्वजनिक जवाबदेही के तंत्र को लेकर राज्यों के दृष्टिकोण में महत्वपूर्ण अंतर है। एसएसएफ की संरचना अन्य राज्यों के मॉडल से अलग है। उदाहरण के लिए, महाराष्ट्र हाईवे पुलिस मौजूदा राज्य पुलिस की एक आधुनिक और प्रभावी शाखा है, न कि एक अलग फोर्स।

डीजीपी ने कहा, “सफलता केवल नए वाहनों के कारण नहीं है, बल्कि यह एनफोर्समेंट से सर्विस की ओर सोच में आए बदलाव का परिणाम है।”

इस दौरान एसडीजीपी (ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी, पंजाब) अमरदीप सिंह राय ने कहा, “पुलिस कर्मियों को नियमित आधार पर कानून-व्यवस्था के लिए प्रशिक्षण दिया जाता है। दूसरी ओर, एसएसएफ को एक स्पष्ट और नॉन-नेगोशिएबल प्राथमिकता—लोगों की जान बचाने—को ध्यान में रखते हुए विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। एसएसएफ कर्मियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल के माध्यम से प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें रेड क्रॉस द्वारा दिया गया प्रशिक्षण भी शामिल है। इसके अलावा कर्मचारियों को ‘क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ का प्रशिक्षण भी दिया गया है। पूरी फोर्स एक ही अवधारणा—‘प्लैटिनम 10 मिनट’—को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है, जिसके तहत हादसा पीड़ित तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुंचकर एंबुलेंस सहायता पहुंचने से पहले उसे तत्काल चिकित्सा सहायता प्रदान करना सुनिश्चित किया जाता है।”

उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, एसएसएफ कर्मचारियों को वीआईपी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता और न ही स्थानीय कानून-व्यवस्था से संबंधित कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी बदली जाती है। उनका एकमात्र मुख्य प्रदर्शन सूचकांक (केपीआई) सड़क सुरक्षा और पीड़ितों की सहायता करना है।”

Have something to say? Post your comment

और पंजाब खबरें

पंजाब के लिए गेमचेंजर बनेगा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे! 667 KM कॉरिडोर से सफर होगा आसान

पंजाब के लिए गेमचेंजर बनेगा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे! 667 KM कॉरिडोर से सफर होगा आसान

पंजाब के स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए खास खबर, मिलेगी मुफ्त कोचिंग

पंजाब के स्कूलों में पढ़ने वाले 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों के लिए खास खबर, मिलेगी मुफ्त कोचिंग

जूडो अंडर-17 लड़कियां 36 किलोग्राम भार वर्ग मुकाबले में मुस्कान ने मारी बाजी

जूडो अंडर-17 लड़कियां 36 किलोग्राम भार वर्ग मुकाबले में मुस्कान ने मारी बाजी

अंतरराष्ट्रीय एथलीट गुरिंदर बीर सिंह का आदमपुर एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत

अंतरराष्ट्रीय एथलीट गुरिंदर बीर सिंह का आदमपुर एयरपोर्ट पर हुआ स्वागत

किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी पंजाब सरकार : लाल चंद कटारूचक्क

किसानों की फसल का एक-एक दाना खरीदेगी पंजाब सरकार : लाल चंद कटारूचक्क

नशे को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस में 10 हजार नए पद भरे जाएंगे – भगवंत सिंह मान

नशे को जड़ से खत्म करने के लिए पंजाब पुलिस में 10 हजार नए पद भरे जाएंगे – भगवंत सिंह मान

भगवंत मान सरकार ने ट्रिपल एच स्क्रीनिंग को ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा बनाया

भगवंत मान सरकार ने ट्रिपल एच स्क्रीनिंग को ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान का हिस्सा बनाया

दिव्यांग व्यक्तियों का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पंजाब सरकार की प्राथमिकता; अब तक करीब 255 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर

दिव्यांग व्यक्तियों का सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पंजाब सरकार की प्राथमिकता; अब तक करीब 255 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता जारी: डॉ. बलजीत कौर

पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट बनने के बाद परगट सिंह ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में मत्था टेका

पंजाब कांग्रेस के प्रेसिडेंट बनने के बाद परगट सिंह ने गुरुद्वारा बंगला साहिब में मत्था टेका

NCC की फर्स्ट पंजाब बटालियन के सहयोग से दिया गया स्वच्छता का संदेश

NCC की फर्स्ट पंजाब बटालियन के सहयोग से दिया गया स्वच्छता का संदेश