इंडियन सुपर लीग (आईएसएल) होगी या नहीं, इस बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं है। इस अनिश्चितता की वजह से भारतीय और विदेशी फुटबॉल खिलाड़ी चिंतित हैं। खिलाडिय़ों ने फीफा से अपील की है कि वह भारत के इस फ्रेंचाइजी फुटबॉल टूर्नामेंट की स्थिति को सुलझाने में मदद करे। भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ी सुनील छेत्री, गुरप्रीत सिंह संधू और संदेश झिंगन ने भी फीफा से हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि देश में फुटबॉल की हालत सुधर सके। ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन (एआईएफएफ) और फुटबॉल स्पोट्र्स डिवेल्पमेंट लिमिटेड (एफएसडीएल) के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट को लेकर विवाद चल रहा है। इसी विवाद की वजह से इस सीजन इंडियन सुपर लीग अब तक शुरू नहीं हो पाई है। 25 अगस्त को यह खबर आई थी कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों से आपसी मतभेद सुलझाने को कहा था, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं निकल पाया है।
गुरप्रीत ने सोशल मीडिया पर शेयर किए गए वीडियो में कहा, जनवरी का महीना है और हमें इस वक्त आईएसएल के फुटबॉल मैचों में आपकी स्क्रीन पर होना चाहिए था। संदेश झिंगन ने कहा, इस समय खिलाड़ी आईएसएल में खेलने के बजाय डर और निराशा के माहौल से गुजर रहे हैं। सुनील छेत्री ने कहा कि खिलाडिय़ों, स्टाफ और फैंस सभी को यह जानने का हक है कि आगे क्या होने वाला है। वहीं गुरप्रीत सिंह संधू ने कहा कि इस समय खिलाड़ी आईएसएल में खेलने के बजाय डर और निराशा के माहौल से गुजर रहे हैं। आईएसएल के 2025-26 सीजन को इसलिए रोका गया है, क्योंकि ऑल इंडिया फुटबॉल फेडरेशन और आयोजनकर्ता कंपनी फुटबॉल स्पोट्र्स डिवेलपमेंट लिमिटेड के बीच मास्टर राइट्स एग्रीमेंट का नवीनीकरण अभी नहीं हुआ है। सुप्रीम कोर्ट ने एआईएफएफ को निर्देश दिया है कि जब तक एआईएफएफ पर अंतिम फैसला नहीं आ जाता, तब तक वह एफएसडीएल के साथ कोई नया समझौता न करे।