नई दिल्ली बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड आज बीसीसीआई को आंख दिखाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वो भूल गया कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड ने ही उन्हें टेस्ट स्टेटस दिलाया। जब बांग्लादेश के साथ कोई क्रिकेट भी नहीं खेलना चाहता था, तब भारत ने पड़ोसी देश के साथ पहला टेस्ट खेलकर उनकी मदद की थी। सौरव गांगुली की कप्तानी में टीम इंडिया ने ये टेस्ट नौ विकेट से जीता था। इसमें राहुल द्रविड़, सचिन तेंदुलकर, अजीत अगरकर, जहीर खान आदि स्टार खिलाड़ी भी थे। बीसीसीआई के चीफ रह चुके जगमोहन डालमिया 2000 में आईसीसी के चीफ थे। उन्होंने सर्वसम्मति से वोटिंग करवाकर बांग्लादेश को टेस्ट स्टेटस दिलवाया था। उनके साथ कोई टेस्ट मैच नहीं खेल रहा था, तब भारतीय क्रिकेट टीम ने उनके साथ पहला टेस्ट खेला था। शुरुआत 1999 वनडे वल्र्ड कप से हुई थी। यहां बांग्लादेश पहली बार इस बड़े टूर्नामेंट में खेल रही थी।
उन्होंने स्कॉटलैंड को हराकर अपनी पहली जीत दर्ज की। इसके बाद उन्होंने उस संस्करण की फेवरेट टीम में से एक पाकिस्तान को हराकर बड़ा उलटफेर भी किया। यह एक वजह थी, लेकिन पूरा जोर बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष और तत्कालीन आईसीसी चीफ जगमोहन डालमिया ने लगाया। उन्होंने 2000 में बांग्लादेश को सर्वसम्मत वोट से टेस्ट खेलने का दर्जा हासिल करने वाला 10वां देश बनाने में मदद की। बता दें कि इंग्लैंड का बांग्लादेश से टेस्ट होना था, लेकिन उन्होंने इसे खेलने से मना कर दिया। तब भारत ने बांग्लादेश के साथ टेस्ट खेलकर उन्हें टेस्ट स्टेटस दिलवाया। ये टेस्ट 10-13 नवंबर, 2020 को ढाका में खेला गया था, जिसमें भारत नौ विकेट से जीता था।
आइसलैंड क्रिकेट ने ली चुटकी बोला; मौका दीेजिए, हमें भारत में सुरक्षा की कोई चिंता नहीं
नई दिल्ली। भारत और बांग्लादेश के बीच जारी विवाद अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने टी-20 विश्व कप के लिए भारत में अपनी टीम नहीं भेजने का फैसला किया और आईसीसी से उनके मैच श्रीलंका में शिफ्ट करने की मांग की। इसके पीछे उन्होंने सुरक्षा का हवाला दिया। इस पर अब आइसलैंड क्रिकेट ने चुटकी ली है। बीसीबी के भारत में सुरक्षा को लेकर उठाए गए सवालों पर आइसलैंड क्रिकेट ने चुटकी ली है।
उन्होंने कहा, इससे पहले कि कोई पूछे, हां, आइसलैंड आने वाले टी-20 विश्व कप में बांग्लादेश की जगह ले सकता है और हमें सुरक्षा और सेहत को लेकर कोई चिंता नहीं है। हमारे खिलाडिय़ों को हो सकती है, लेकिन हमें नहीं। बोर्ड ने साफ कर दिया कि उन्हें भारत में सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है।