सिडनी। टेस्ट क्रिकेट में अब इंग्लैंड के जो रूट के 41 शतक हो चुके हैं। वह अब टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज़्यादा शतक लगाने वाले बल्लेबाज़ों की सूची में संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं, जहां वह रिकी पोंटिंग के साथ हैं। उनसे आगे सिर्फ़ सचिन तेंदुलकर (51) और जैक कैलिस (45) हैं। रूट ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पांचवें और अंतिम एशेज टेस्ट में इंग्लैंड की पहली पारी में 160 रन बनाकर यह उपलब्धि अपने नाम की। 2021 की शुरुआत से अब तक रूट ने कुल 24 टेस्ट शतक लगाए हैं। इस अवधि में किसी और बल्लेबाज ने दस से ज़्यादा शतक नहीं लगाए हैं। हैरी ब्रूक, केन विलियमसन, स्टीवन स्मिथ और शुभमन गिल दस दस शतकों के साथ संयुक्त रूप से दूसरे स्थान पर हैं।
छह कैलेंडर वर्षों में रूट के ये 24 शतक सिर्फ़ पोंटिंग और मैथ्यू हेडन से पीछे हैं, जिन्होंने 2001 से 2006 के बीच 26 शतक लगाए थे। 2026 की शुरुआत हुए अभी एक हफ़्ता ही हुआ है और रूट के पास पोंटिंग और हेडन का रिकॉर्ड पार करने के लिए पूरा साल है। टेस्ट क्रिकेट में रूट ने 17 बार 150 से ज़्यादा का स्कोर बनाया है, जो इतिहास में पांचवां सबसे ज़्यादा है। इस सूची में सचिन तेंदुलकर 20 स्कोर के साथ सबसे आगे हैं। इंग्लैंड के बल्लेबाज़ों में रूट के नाम सबसे ज़्यादा 150 या उससे अधिक के स्कोर हैं। एलिस्टेयर कुक इस मामले में दूसरे नंबर पर हैं।
अब रूट के नाम टेस्ट क्रिकेट में सात अलग-अलग देशों में 150 से ज़्यादा रन का स्कोर दर्ज है। उनसे ज़्यादा देशों में यह कारनामा सिर्फ़ तेंदुलकर और यूनुस ख़ान ने किया है। दोनों बल्लेबाज़ों ने आठ देशों के ख़िलाफ़ 150 का स्कोर बनाया है। टेस्ट क्रिकेट में लगातार 50 से ज़्यादा रन की पांच पारियों को रूट ने शतक में बदला है। यह सिलसिला पिछले साल लीड्स में भारत के ख़िलाफ़ चौथी पारी में बनाए गए नाबाद 53 रन से शुरू हुआ था। यह पहला मौक़ा है जब रूट ने लगातार पांच 50 स्कोर को शतक में बदला है। इससे पहले वह 2022 और 2024 में लगातार चार अर्धशतकों को शतक में बदल चुके हैं। रूट इंग्लैंड के पहले बल्लेबाज़ भी हैं, जिन्होंने एलिस्टेयर कुक के बाद यह कारनामा किया है। कुक ने 2012 से 2013 के बीच लगातार छह बार ऐसा किया था।