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राष्ट्रीय

75% संपत्ति दान करेंगे... बेटे की मौत के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़, कहा- 'सादगी से जिउंगा, पूरी जिंदगी'

08 जनवरी, 2026 09:42 PM

वेदांता ग्रुप के चेयरमैन अनिल अग्रवाल इन दिनों अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन दौर से गुजर रहे हैं। बेटे अग्निवेश अग्रवाल के अचानक निधन ने उन्हें अंदर तक झकझोर कर रख दिया है। इस गहरे दुख के बीच उन्होंने एक ऐसा फैसला दोहराया है, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया है। अनिल अग्रवाल ने ऐलान किया है कि वह अपनी कुल कमाई का 75 फीसदी से ज्यादा हिस्सा समाज के लिए दान करेंगे और आगे की ज़िंदगी बेहद सादगी से बिताएंगे।


बेटे से किया था आखिरी वादा
अनिल अग्रवाल ने अपने भावुक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि यह संकल्प उन्होंने अपने बेटे अग्निवेश से किया था। उन्होंने लिखा कि उन्होंने जो भी कमाया है, उसका बड़ा हिस्सा समाज को लौटाया जाएगा। बेटे के जाने के बाद यह वादा उनके लिए और भी मजबूत हो गया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी बाकी की पूरी ज़िंदगी इसी उद्देश्य को पूरा करने में लगेगी।


बेटे के निधन से टूट गया परिवार
49 साल की उम्र में अग्निवेश अग्रवाल का अमेरिका में इलाज के दौरान कार्डियक अरेस्ट से निधन हो गया। एक पिता के लिए जवान बेटे को खोना सबसे बड़ा दुख होता है। अनिल अग्रवाल ने लिखा कि वह और उनकी पत्नी किरण अग्रवाल पूरी तरह टूट चुके हैं, लेकिन वेदांता ग्रुप में काम करने वाला हर कर्मचारी उन्हें अपने बच्चों जैसा लगता है और वही उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता है।


कौन हैं अनिल अग्रवाल?
अनिल अग्रवाल Vedanta Resources के फाउंडर और चेयरमैन हैं। उन्होंने साल 1976 में वेदांता ग्रुप की नींव रखी थी। आज वेदांता मेटल, माइनिंग, पावर और ऑयल जैसे बड़े सेक्टर्स में काम कर रही है और भारत के साथ-साथ विदेशों में भी कंपनी की मजबूत मौजूदगी है। अनिल अग्रवाल को देश के सबसे बड़े सेल्फ-मेड उद्योगपतियों में गिना जाता है।


पटना से मुंबई तक संघर्ष की कहानी
1954 में बिहार की राजधानी पटना में जन्मे अनिल अग्रवाल ने बहुत कम उम्र में अपने पिता के साथ कबाड़ के कारोबार से शुरुआत की। 19 साल की उम्र में वह मुंबई पहुंचे। जेब में पैसे कम थे, लेकिन हौसले बुलंद थे। शुरुआती दौर में कई बिजनेस में नुकसान हुआ, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। यही संघर्ष आगे चलकर वेदांता ग्रुप की नींव बना।


अब परिवार में कौन संभाल रहा जिम्मेदारी?
अनिल अग्रवाल की पत्नी किरण अग्रवाल हमेशा लाइमलाइट से दूर रहीं, लेकिन हर बड़े फैसले में उनके साथ मजबूती से खड़ी रहीं। बेटी प्रिया अग्रवाल अब परिवार और बिजनेस की बड़ी जिम्मेदारियां संभाल रही हैं। वह Hindustan Zinc की चेयरपर्सन हैं और ग्रुप के कई अहम फैसलों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। वहीं अनिल अग्रवाल के भाई नवीन अग्रवाल वेदांता ग्रुप के वाइस चेयरमैन हैं।


अग्निवेश भी निभा रहे थे अहम भूमिका
अग्निवेश अग्रवाल वेदांता की सहयोगी कंपनी Talwandi Sabo Power Limited के बोर्ड में शामिल थे। इसके अलावा उन्होंने Fujairah Gold जैसी कंपनी की भी स्थापना की थी। बड़े कारोबारी परिवार से होने के बावजूद अग्निवेश सादा जीवन जीना पसंद करते थे। उनका अचानक जाना पूरे परिवार के लिए गहरा सदमा बन गया है।


कितनी है अनिल अग्रवाल की कुल संपत्ति?
Forbes के मुताबिक, अनिल अग्रवाल और उनके परिवार की कुल नेटवर्थ करीब 4.2 अरब डॉलर, यानी लगभग 35,000 करोड़ रुपये आंकी गई है। बेटे के निधन से पहले ही अनिल अग्रवाल इस संपत्ति का 75 फीसदी हिस्सा दान करने का ऐलान कर चुके थे। बेटे को खोने के बाद उन्होंने इस फैसले को फिर से दोहराते हुए इसे अपनी जिंदगी का लक्ष्य बना लिया है।


बेटे के सपनों को देंगे उड़ान
अनिल अग्रवाल ने लिखा कि उनका और उनके बेटे अग्निवेश का सपना एक ही था- भारत को आत्मनिर्भर बनाना। कोई बच्चा भूखा न सोए, हर बच्चे को शिक्षा मिले, महिलाएं सशक्त हों और युवाओं को रोजगार मिले। उन्होंने कहा कि बेटे के बिना उनकी ज़िंदगी अधूरी जरूर है, लेकिन उसके सपने अधूरे नहीं रहेंगे।

 

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