संगरूर : पंजाब गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री कीमती भगत ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा लावारिस एवं बेसहारा गोवंश की देखभाल, सुरक्षा तथा गौशालाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए लगातार ठोस प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे लावारिस गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सरकार, जिला प्रशासन और गौशाला प्रबंधकों द्वारा संयुक्त रूप से कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि संगरूर जिले में पिछले तीन महीनों के दौरान 600 लावारिस गोवंश को संरक्षण के लिए गौशालाओं में भेजा गया है।
श्री कीमती भगत आज संगरूर में जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ गोवंश की देखभाल संबंधी बैठक करने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा गौशालाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि झनेड़ी गौशाला में चार महीने पहले 190 गोवंश था, जो अब बढ़कर 510 हो गया है। उन्होंने बताया कि सुनाम, संगरूर और धूरी से 250 लावारिस गोवंश को गौशाला में भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा राज्य की 518 सरकारी एवं निजी गौशालाओं के 100 करोड़ रुपये से अधिक के बिजली बिल माफ किए गए हैं। इस पहल के लिए मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान का धन्यवाद करते हुए उन्होंने कहा कि इससे गौशालाओं पर वित्तीय बोझ कम हुआ है और वे अपने संसाधनों का उपयोग गोवंश की बेहतर देखभाल के लिए कर सकेंगी।
श्री भगत ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा राज्य की लगभग 500 गौशालाओं को 3 करोड़ 6 लाख रुपये की लागत से काऊ लिफ्टर उपलब्ध करवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये काऊ लिफ्टर घायल, बीमार अथवा सड़कों पर बेसहारा अवस्था में पड़े गोवंश को सुरक्षित रूप से गौशालाओं तक पहुंचाने तथा उपचार के लिए ले जाने में सहायक होंगे। बैठक के दौरान उन्होंने निजी गौशालाओं द्वारा गोवंश की देखभाल के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि निजी गौशालाएं सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लावारिस गोवंश की देखभाल के लिए और बड़े स्तर पर कार्य करें।
उन्होंने आगे बताया कि गौशालाओं में रखे प्रत्येक गोवंश की देखभाल के लिए 61 रुपये प्रति गोवंश प्रतिदिन देने संबंधी अधिसूचना जारी की जा चुकी है और इसे लागू करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें जारी हैं। उन्होंने कहा कि गोवंश की देखभाल को और मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध करवाए जा रहे हैं।
संगरूर जिले संबंधी जानकारी देते हुए श्री कीमती भगत ने बताया कि गांव झनेड़ी स्थित गौशाला में लावारिस गोवंश के लिए 65 लाख रुपये की लागत से अलग शेड तैयार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गौशालाओं के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए आवश्यक धनराशि का प्रबंध भी किया जा रहा है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पिछले समय के दौरान एकत्रित किए गए गौ सेवा सेस की पूरी राशि गोवंश की सेवा, देखभाल एवं सुरक्षा पर ही खर्च करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे लावारिस एवं बेसहारा गोवंश को जल्द से जल्द गौशालाओं में पहुंचाने के लिए उचित प्रबंध किए जाएं।
इस अवसर पर संगरूर जिले की कुल 40 गौशालाओं में से 35 गौशालाओं को पंजाब गौ सेवा आयोग की ओर से पंजीकरण प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए।
श्री भगत ने बताया कि गौशालाओं में गोवंश के स्वास्थ्य की देखभाल, टीकाकरण एवं बीमारियों की रोकथाम के लिए गडवासू, लुधियाना तथा विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों की टीमों का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों, गौशाला प्रबंधकों, मीडिया एवं आम लोगों से अपील की कि लावारिस एवं बेसहारा गोवंश की समस्या के स्थायी समाधान के लिए सामूहिक रूप से सहयोग करें।
बैठक में विधायक संगरूर नरिंदर कौर भराज, ए.डी.सी. सुखचैन सिंह, एस.डी.एम. भवानीगढ़ मनजीत कौर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।