नोएडा : दिल्ली से सटे औद्योगिक शहर नोएडा में वेतन वृद्धि को लेकर दो दिनों तक चले हिंसक प्रदर्शन के बाद बुधवार को हालात सामान्य होने लगे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच फैक्ट्रियां दोबारा खुल गई हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि अब कोई उपद्रव हुआ तो संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी का लाइसेंस रद्द कर उसे ब्लैकलिस्ट कर दिया जाएगा। शहर के औद्योगिक क्षेत्रों में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए 16 कंपनी RAF और पीएसी (PAC) तैनात की गई है। संवेदनशील इलाकों में ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों से पल-पल की निगरानी की जा रही है। पुलिस ने अब तक हिंसा और तोड़फोड़ के मामले में 4 महिलाओं समेत 396 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिलाधिकारी मेधा रुपम ने ठेकेदारों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों के साथ बैठक में कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अपने कर्मचारियों को अनुशासन में रखना एजेंसी की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार द्वारा तय नए वेतन मानकों को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए:
अकुशल श्रमिक : ₹13,690 प्रति माह
अर्धकुशल श्रमिक : ₹15,059 प्रति माह
कुशल श्रमिक : ₹16,868 प्रति माह
साजिश बनाम मजबूरी : राजनीतिक वार-पलटवारनोएडा में हुई इस हिंसा पर देश के बड़े नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है:
सीएम योगी आदित्यनाथ : उन्होंने औद्योगिक अशांति फैलाने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार श्रमिकों को संरक्षण और उद्यमियों को सुरक्षा देगी। न्यूनतम वेतन की गारंटी बिना किसी बिचौलिये के दी जाएगी।
राहुल गांधी : रायबरेली सांसद ने इसे श्रमिकों की "आखिरी चीख" बताया, जिसे लंबे समय तक अनसुना किया गया।
अखिलेश यादव : सपा प्रमुख ने सरकार पर अपनी नाकामियां छिपाने के लिए 'साजिश' का बहाना बनाने का आरोप लगाया।
बृजभूषण शरण सिंह : पूर्व भाजपा सांसद ने भी मजदूरों का पक्ष लेते हुए कहा कि मौजूदा मजदूरी सम्मानजनक नहीं है और इसे बढ़ाया जाना चाहिए।
क्या था मामला?
सोमवार और मंगलवार को सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों श्रमिक सड़कों पर उतर आए थे। इस दौरान 80 से अधिक स्थानों पर पथराव हुआ और करीब 350 कंपनियों में तोड़फोड़ की गई। उद्यमियों का आरोप है कि बाहरी तत्वों ने माहौल बिगाड़ा, जबकि यूनियनों ने हिंसा से पल्ला झाड़ लिया है।
फिलहाल, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में बताया है। सेक्टर-1 से 6 तक की अधिकांश इंडस्ट्रीज में काम शुरू हो चुका है और कंपनियों के बाहर सैलरी हाइक के नोटिस चस्पा कर दिए गए हैं।