रिफाइंड तेल का इस्तेमाल आज भी कई घरों में खाना पकाने या फिर पूड़ी-पराठा बनाने के लिए होता है। डॉक्टर्स का मानना है कि रिफाइंड खाने से शरीर के साथ खासतौर पर दिल की सेहत पर नुकसान हो रहा है। दिल के लिए रिफाइंड को स्लो पॉइजन माना जाने लगा है और यही कारण है कि वेलनेस की दुनिया में ये चर्चा में रहता है। डॉक्टर का कहना है कि अगर आप रिफाइंड रोजाना खाते हैं, तो हाई कोलेस्ट्रॉल, सूजन, टाइप-2 डायबिटीज, दिल से जुड़ी बीमारियों के होने का खतरा ज्यादा रहता है। रिफाइंड खाने के दौरान पता नहीं चलता कि हम बीमार हो रहे हैं लेकिन धीरे-धीरे ये हमारे दिल को कमजोर करता है। आशलोक अस्पताल के के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर आलोक चोपड़ा ने बताया कि दिल को स्वस्थ रखना है तो रिफाइंड को खाना बिल्कुल बंद कर दें। इसकी जगह आप 5 हेल्दी ऑयल खा सकते हैं और उससे खाना पका सकते हैं।
कौन से तेल का करें इस्तेमाल?
डॉक्टर आलोक चोपड़ा का कहना है कि आप रिफाइंड की जगह 5 हेल्दी ऑप्शन चुन सकते हैं, जिनसे आपका दिल स्वस्थ रहेगा और खाना भी स्वादिष्ट बना रहेगा। यहां तक कि डॉक्टर खुद इनका इस्तेमाल करते हैं।
1. घी है सबसे ज्यादा फायदेमंद
कुकिंग ऑयल्स का बाप है घी। सालों से घी हमारी किचन का खास हिस्सा है और लोग इससे खाना पकाते हैं। इसमें फैट में घुलने वाले विटामिन A, D, E और K पाए जाते हैं। साथ ही, इसमें ब्यूटिरेट नामक शॉर्ट-चेन फैटी एसिड भी होता है, जिसे आंतों की सेहत और पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है। घी से खाना पका सकते हैं और इसमें डीप फ्राई भी कर सकते हैं। घी को करीब 300 डिग्री तक गर्म किया जा सकता है, जिससे कोई नुकसान नहीं होता। डॉक्टर ने कहा कि मैं खुद घी ज्यादा खाता हूं लेकिन थोड़ी सावधानी भी बरतनी चाहिए।
2. मक्खन भी है अच्छा
मक्खन को हम सभी ब्रेड में लगाकर खा लेते हैं लेकिन कुकिंग में उसका खास इस्तेमाल नहीं करते हैं। डॉक्टर का कहना है कि मक्खन भी आप खाने में इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर आप घर पर बना मक्खन खाते हैं, तो यह रिफाइंड से लाख गुना बेहतर है। डॉक्टर ने कहा कि यह खाना पकाने और उसमें स्वाद बढ़ाने के लिए अच्छा विकल्प है। बाजार में मिलने वाले पीले मक्खन से बचने की कोशिश करें और मक्खन घर पर ही बनाएं
3. सरसों का तेल
सरसों का तेल ज्यादातर रसोई में आपको मिल जाएगा और आप इस तेल का इस्तेमाल करें। सरसों का तेल भारतीय रसोई में लंबे समय से इस्तेमाल होता आ रहा है। इसमें मोनोअनसैचुरेटेड और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए सही होते हैं। सरसों के तेल में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (ALA) भी पाया जाता है और इसमें कुछ प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट कंपाउंड्स मौजूद होते हैं। सरसों का तेल आपकी सेहत और स्वाद के लिए सही ऑप्शन हो सकती है।
4. ऑलिव ऑयल
ऑलिव ऑयल में मोनोअनसैचुरेटेड फैट और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो दिल की सेहत, सूजन कम करने, खराब LDL कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने और कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में मदद कर सकते हैं। अगर आप ऑलिव ऑयल खरीदकर खा सकते हैं, तो ये सेहत के लिए सबसे अच्छा है।
5. तिल का तेल
सरसों और ऑलिव की तरह आप तिल का तेल भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। तिल का तेल कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक अच्छा स्रोत है। इसमें मौजूद अनसैचुरेटेड फैट कोलेस्ट्रॉल को कम करने और दिल को स्वस्थ रखने में मददगार होते हैं। तिल का तेल भी सालों से भारतीय खान-पान का हिस्सा रहा है लेकिन अब लोगों ने इसे कम कर दिया। तिल के तेल में खाना स्वादिष्ट भी बनता है।
डॉक्टर चोपड़ा ने कहा कि आप ये 5 तेल इस्तेमाल कर अपनी सेहत और दिल को स्वस्थ रख सकते हैं। रिफाइंड से बेहतर है कि आप इन तेलों को खाएं। आप चाहे तो इनके अलावा एवोकाडो ऑयल का इस्तेमाल भी कर सकते हैं लेकिन वह थोड़ा महंगा मिलता है। खुद को हेल्दी रखने के लिए हमेशा अच्छा खाएं।