सिरसा की सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री, अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य कुमारी सैलजा ने कहा कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कथित रूप से किए गए ‘शुद्धीकरण’ की घटना दलित समाज के सम्मान, समानता और संविधान की भावना से जुड़ा गंभीर विषय है। घटना को 24 दिन बीत जाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों और संगठनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज न होना सवाल खड़े करता है। लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी वर्ग के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाली मानसिकता को स्वीकार नहीं किया जा सकता। कुमारी सैलजा ने कहा कि चिंताजनक यह भी है कि इस मामले में कार्रवाई की मांग उठाने वाले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ही प्राथमिकी दर्ज की गई। कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और कार्रवाई निष्पक्षता तथा तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने राज्यसभा में नेता सदन जे.पी. नड्डा को पत्र लिखकर सदन में दिए गए आश्वासन की याद दिलाते हुए मामले में प्राथमिकी दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। कुमारी सैलजा ने कहा कि यह मामला किसी एक राजनीतिक दल या घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समानता, दलित सम्मान और संविधान प्रदत्त अधिकारों से जुड़ा है। भाजपा सरकार को संविधान की भावना और सदन में दिए गए आश्वासन का सम्मान करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच करवानी चाहिए तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई करनी चाहिए। कांग्रेस दलित समाज के सम्मान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाती रहेगी।