उत्तर और पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसूनी बारिश ने विकराल रूप ले लिया है। बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। बिहार के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं, तो वहीं काशी में सैकड़ों परिवारों को घर छोड़ना पड़ा है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और बारिश के चलते सैकड़ों मार्ग अवरुद्ध हैं।
राज्यों में बारिश और बाढ़ के ताजा हालात
बिहार (13 जिले बाढ़ की चपेट में): प्रदेश में बीते दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के चलते 8 प्रमुख नदियां उफान पर हैं। राजधानी पटना में गंगा नदी खतरे के निशान से करीब 2 फीट ऊपर बह रही है। रोहतास स्थित इंद्रपुरी बैराज पर पानी के भारी दबाव को देखते हुए सभी 69 गेट खोल दिए गए हैं, जिससे निचले इलाकों में पानी तेजी से फैल रहा है।
उत्तर प्रदेश (काशी में विस्थापन): वाराणसी में वरुणा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने के कारण तटीय बस्तियों में पानी भर गया है। प्रशासन ने अब तक 407 परिवारों के 1,768 सदस्यों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। कुल विस्थापितों का आंकड़ा 2,910 तक पहुंच चुका है। राहत और बचाव कार्य के लिए 36 नावें तैनात की गई हैं।
उत्तराखंड (अल्मोड़ा में स्कूल बंद): भारी मानसूनी वर्षा के कारण हल्द्वानी की गौला और रामनगर की कोसी नदी उफान पर हैं। जलभराव और मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए अल्मोड़ा जिले के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
हिमाचल प्रदेश (175 सड़कें बंद): बुधवार रात तेज बारिश के बाद हुए भूस्खलन (लैंडस्लाइड) से राज्य की 175 से अधिक सड़कें बंद हो गई हैं। कालका-शिमला फोरलेन पर परवाणू फल मंडी के समीप भारी मलबा आने से यातायात पूरी तरह ठप हो गया, जिसके चलते दर्जनों गाड़ियां रातभर फंसी रहीं।