शिमला : चेस्टर हिल रियल एस्टेट प्रोजेक्ट विवाद में अब हिमाचल सरकार भी एक्शन में आ गई है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने प्रोजेक्ट के पक्ष में मुख्य सचिव संजय गुप्ता द्वारा जारी की गई चि_ी को वापस ले लिया है। डीसी सोलन को लिखे पत्र में राजस्व विभाग ने हिमाचल प्रदेश टेनेंसी एंड लैंड रिफॉर्म एक्ट 1972 की धारा 118 के तहत उल्लंघन की प्रक्रिया में जांच तेज करने को कहा है।
इससे पहले मुख्य सचिव ने छह दिसंबर, 2025 को डीसी सोलन को भेजी एक चि_ी में कहा था कि इस हाउसिंग प्रोजेक्ट में कोई वायलेशन नहीं है और एसडीएम की जांच रिपोर्ट गलत तथ्यों पर है। इस पत्र पर विवाद होने के बाद मुख्य सचिव ने उन पर लगाए गए आरोपों का जवाब भी प्रेस वार्ता के जरिए विधानसभा सत्र के दौरान दिया था। उन्होंने डीसी सोलन को यह चि_ी अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व की छुट्टी के दौरान अतिरिक्त कार्यभार लेकर लिखी थी। विवाद के बाद मामला सरकार के ध्यान में आया और राजस्व मंत्री ने अफसरों से सारा रिकार्ड मांगा। इस रिकॉर्ड और पूरी घटना का पता करने के बाद छह दिसंबर, 2025 की चि_ी को वापस ले लिया गया। डीसी सोलन को दोबारा यह पत्र 28 फरवरी, 2026 को भेजा गया, जब बजट सत्र चल रहा था। इसमें साफ कहा गया है कि यदि इस रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में धारा 118 का उल्लंघन किया है, तो इन्हें दी गई जमीन को सरकार में निहित करने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाए।
माकपा की मांग, एफआईआर दर्ज करे सरकार
माकपा राज्य कमेटी सरकार से मांग की है कि मुख्य सचिव के खिलाफ रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में हस्तक्षेप करने पर पद के दुरुपयोग का मामला दर्ज किया जाए। साथ ही प्रदेश में भू-माफिया और रियल एस्टेट माफिया द्वारा गैर कानूनी रूप से भूमि खरीद की जांच के लिए एसआईटी गठित करे। जो अधिकारी इसमें संलिप्त हैं, उनके खिलाफ भी केस दर्ज किया जाए। माकपा नेता संजय चौहान ने जारी प्रेस बयान में कहा कि ये गंभीर मामला है, क्योंकि इसें शीर्ष अफसरशाही सवालों के घेरे में है।