शिमला : प्रश्नकाल के आरंभ होने से पहले विधानसभा स्पीकर कुलदीप सिंह पठानिया ने सदन में कहा कि विधायक रणधीर शर्मा की ओर से राज्य सचिवालय को एक नोटिस नियम 67 के तहत प्राप्त हुआ है, जिसके तहत वह स्थगन प्रस्ताव लाना चाहते हैं। जिस पर फैसला प्रश्नकाल के बाद करेंगे। स्पीकर ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में डीसी को आरक्षण की पांच फीसदी शक्तियां दिए जाने को लेकर चर्चा चाहते हैं।
विधानसभा स्पीकर ने नियम 67 को लेकर 27 नबंवर को धर्मशाला में सत्र के दौरान लिए गए निर्णय का हवाला दिया, जबकि भाजपा विधायकों का कहना था कि विधानसभा स्पीकर इस पर फैसला करें। इसी को लेकर सदन में हंगामा शुरू हो गया। जिस पर विधानसभा स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 11:30 बजे तक स्थगित कर दिया । तदोपरांत विधानसभा में सदन के भीतर कार्यवाही आरंभ हुई और प्रस्ताव को लेकर चर्चा हुई।
विधायक रणधीर शर्मा और जगत सिंह नेगी के अलावा नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने इसमें हिस्सा लिया। चर्चा के दौरान राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी और विधायक रणधीर शर्मा के बीच गहमागहमी भी हुई। वहीं नेता प्रतिपक्ष भी आमने सामने आए। चर्चा के अंत में मुख्यमंत्री ने जवाब दिया। जिसके बाद विधानसभा स्पीकर ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद प्रस्ताव को खारिज कर दिया। जिस पर सदन के भीतर फिर हंगामा शुरू हो गया और इस दौरान भाजपा विधायकों ने वाक आउट कर दिया।