धर्मशाला : हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण विकास को नई गति देते हुए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के चौथे चरण के तहत राज्य के लिए ₹2,247.24 करोड़ की बड़ी धनराशि स्वीकृत की है। केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री कमलेश पासवान ने राज्यसभा सांसद सुश्री इंदु बाला गोस्वामी को संसद में जानकारी देते हुए बताया कि इस चरण के तहत हिमाचल में 1,538 किलोमीटर लंबी 294 सड़क परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। उन्होंने बताया कि योजना के तहत मैदानी क्षेत्रों में 500 से कम आबादी, पहाड़ी क्षेत्रों में 250 से कम आबादी और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 100 से कम आबादी वाले गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी। देशभर के 9 विशेष श्रेणी के राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों के ऐसे 25,000 गांवों को मार्च 2029 तक ऑल-वेदर सड़क संपर्क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
मंत्री ने कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बाजार, स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा संस्थानों और अन्य विकास केंद्रों तक आसान पहुंच उपलब्ध कराना है, जिससे वे मुख्यधारा से जुड़ सकें और आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठा सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस चरण में सड़कों के अपग्रेडेशन का प्रावधान नहीं है, बल्कि नए संपर्क मार्गों के निर्माण पर फोकस किया गया है। गौरतलब है कि वर्ष 2000 में शुरू की गई इस योजना के तहत केंद्र सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को सालभर सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए एकमुश्त केंद्रीय सहायता प्रदान करती है।