अमृतसर : भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन, अमृतसर की ओर से एनसीसी की फर्स्ट पंजाब बटालियन के सहयोग से वॉर मेमोरियल में स्वच्छ भारत अभियान का संदेश देते हुए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसके बाद शहर में बड़े स्तर पर श्रमदान अभियान चलाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पहुंचे युवाओं ने श्रमदान से पहले अपने आसपास का वातावरण स्वच्छ रखने की शपथ ली।
इस मौके पर संबोधित करते हुए चीफ सैनिटरी इंस्पेक्टर अनिल डोगरा ने कहा कि धर्म ग्रंथों में पवन, पानी और धरती के महत्व का उल्लेख किया गया है। इसलिए एक जिम्मेदार नागरिक होने का प्रमाण देते हुए हमें स्वच्छता के प्रति पहल करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पॉलीथिन के इस्तेमाल को बंद कर कपड़े के थैलों का प्रयोग किया जाना चाहिए।
इस अवसर पर एनसीसी अधिकारी सुखपाल सिंह संधू ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर स्वच्छता अभियान की शुरुआत की गई थी। पिछले 12 वर्षों में स्वच्छ भारत अभियान एक बड़े जन-अभियान का रूप ले चुका है। वहीं, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की अधिकारी निशा ने कहा कि विकसित देशों में साफ-सफाई पर अधिक ध्यान दिया जाता है। हमारे देश में भी इस दिशा में सरकार के साथ-साथ आम लोगों को आगे आकर पहल करनी होगी।
इस अवसर पर नगर निगम की स्वच्छता कोऑर्डिनेटर मनदीप कौर ने कहा कि आसपास के क्षेत्र को साफ रखने के लिए प्रत्येक देशवासी को आगे आना होगा। उन्होंने कहा कि प्लास्टिक को सड़कों पर फेंकने के बजाय कूड़ेदान में डाला जाना चाहिए। कार्यक्रम में सैनिटरी इंस्पेक्टर दविंदर कुमार, नायब सूबेदार राजीव कुमार, हवलदार कुलविंदर सिंह और हवलदार कुलदीप सिंह विशेष रूप से मौजूद रहे।
कार्यक्रम के तहत वार मेमोरियल से इंडिया गेट तक स्वच्छता का संदेश देते हुए रैली भी निकाली गई। इसके साथ ही बड़ी संख्या में एकत्रित लोगों और विद्यार्थियों ने श्रमदान किया तथा अपने आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखने का संदेश दिया। इस दौरान श्रमदान में हिस्सा लेने वाले लोगों को प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और प्लास्टिक रीसाइक्लिंग के संबंध में भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान प्रस्तुत किए गए नुक्कड़ नाटक ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया। नाटक के माध्यम से स्वच्छता को जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने का संदेश प्रभावी और मनोरंजक तरीके से दिया गया।
कुल मिलाकर, भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से आयोजित यह कार्यक्रम सफल रहा। कार्यक्रम के माध्यम से स्थानीय लोगों में स्वच्छता के महत्व के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया और स्वच्छता के प्रति नई ऊर्जा एवं जागरूकता का संचार किया गया।