करतारपुर साहिब (नरोवाल), : रावी नदी में आई भीषण बाढ़ के कारण पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा करतारपुर साहिब के जलमग्न होने के बाद, पाकिस्तानी अधिकारियों ने बुधवार को एक बड़ा बचाव अभियान (Major Rescue Operation) सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस अभियान के तहत 100 से अधिक तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
Guru Granth Sahib और अन्य पवित्र वस्तुएं पूरी तरह सुरक्षित
पाकिस्तान गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (PGPC) के अध्यक्ष रमेश सिंह अरोड़ा ने पुष्टि की है कि भारी बाढ़ के बावजूद, करतारपुर साहिब में मौजूद ऐतिहासिक गुरु ग्रंथ साहिब जी के पवित्र स्वरूप और अन्य सभी पवित्र वस्तुएं पूरी तरह से सुरक्षित हैं। उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा साहिब परिसर से पानी निकालने का काम तेजी से चल रहा है।
जल्द शुरू होगी 'कार सेवा'
रमेश अरोड़ा ने दुनिया भर की सिख संगत को आश्वासन दिया है कि परिसर से जल्द ही बाढ़ का पानी पूरी तरह से निकाल लिया जाएगा। स्थिति सामान्य होने के बाद गुरुद्वारा साहिब में 'कार सेवा' (स्वयंसेवा) शुरू की जाएगी, और उन्होंने संगत से इसमें भाग लेने की अपील की है।
मई 2025 से बंद है Kartarpur Corridor
करतारपुर साहिब, जो सिखों के पहले गुरु, श्री गुरु नानक देव जी का अंतिम विश्राम स्थल है, रावी नदी के तट पर स्थित है। भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को बिना वीजा के इस पवित्र स्थल तक पहुंचने की सुविधा देने वाला करतारपुर कॉरिडोर, मई 2025 में हुए भारत-पाक संघर्ष के बाद से ही बंद है।