कई बार हमारा शरीर छोटे-छोटे संकेत देता है, लेकिन हम उन्हें आम थकान या मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन यही लापरवाही आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है। खासकर मलेरिया जैसी बीमारी में शुरुआत के लक्षण इतने सामान्य लगते हैं कि लोग समझ ही नहीं पाते कि शरीर अंदर ही अंदर किसी संक्रमण से लड़ रहा है। आयुष मंत्रालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट कर बताया कि मलेरिया में सबसे पहले जो लक्षण दिखते हैं, वो है तेज ठंड लगना और शरीर का कांपना। अचानक ऐसा महसूस होता है जैसे बहुत ज्यादा सर्दी लग गई हो और शरीर बुरी तरह कांपने लगता है। इसके बाद तेज बुखार चढ़ता है, जो कभी-कभी बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। कई लोगों को लगता है कि यह सामान्य वायरल फीवर है, लेकिन मलेरिया में बुखार का पैटर्न थोड़ा अलग होता है। इसके साथ ही तेज सिरदर्द होना भी आम है। सिर भारी लगने लगता है और किसी काम में मन नहीं लगता। शरीर में कमजोरी और सुस्ती भी बढ़ जाती है, जिससे इंसान दिन भर थका-थका महसूस करता है। कुछ मामलों में उल्टी और मतली भी शुरू हो जाती है, जिससे मरीज और ज्यादा कमजोर हो जाता है।
जैसे-जैसे बुखार उतरता है, वैसे-वैसे शरीर में बहुत ज्यादा पसीना आने लगता है। कपड़े तक भीग जाते हैं और शरीर बिल्कुल थका हुआ महसूस करता है। कई बार लोगों को दस्त भी हो जाते हैं, जिससे पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है।
सबसे बड़ी समस्या यह है कि कुछ लोग इन शुरुआती लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं। वे सोचते हैं कि यह सिर्फ मौसम बदलने की वजह से हुआ है और खुद ही ठीक हो जाएगा। लेकिन मलेरिया अगर समय पर पकड़ में न जाए तो यह गंभीर रूप ले सकता है और शरीर के कई अंगों को प्रभावित कर सकता है।
इसलिए जरूरी है कि अगर किसी को बार-बार ठंड लगना, तेज बुखार, सिरदर्द, उल्टी या बहुत ज्यादा पसीना आने जैसे लक्षण दिखें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करवाएं। शुरुआती इलाज से यह बीमारी आसानी से ठीक हो सकती है।