चंडीगढ़ : व्यापारी वर्ग की समस्याओं के निपटारे और स्थानीय विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाते हुए, पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा, जो पंजाब राज्य व्यापारी आयोग (पी.एस.टी.सी.) के चेयरमैन भी हैं, ने निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित विभाग यह सुनिश्चित करें कि उनके गजटिड अधिकारी जिला स्तरीय व्यापारी आयोग की आगामी बैठकों में अवश्य शामिल हों।
कैबिनेट मंत्रियों अमन अरोड़ा और तरुनप्रीत सिंह सौंद, तथा पी.एस.टी.सी. के वाइस चेयरमैन अनिल ठाकुर के साथ पी.एस.टी.सी. की उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री ने जोर दिया कि ये जिला स्तरीय बैठकें पूरे हो चुके सभी विकास परियोजनाओं की व्यापक समीक्षा करने और व्यापारियों द्वारा उठाए गए बकाया मामलों का समाधान करने के लिए होनी चाहिए।
बैठक को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि 'रंगला पंजाब' योजना के तहत आयोग द्वारा जिला स्तर पर सुझाए गए विकास कार्यों के लिए 2 करोड़ रुपये का समर्पित फंड पहले ही अलॉट किया जा चुका है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी स्वीकृत कार्यों के लिए संबंधित बिल पेश होते ही भुगतान बिना किसी देरी के जारी कर दिए जाएंगे।
कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने प्रशासनिक प्रक्रियाओं में दक्षता और पारदर्शिता को और अधिक संस्थागत बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने एक स्पष्ट कार्य-प्रणाली की वकालत की जिसमें काम पूरा करने की समय-सीमा, प्रत्येक परियोजना का स्पष्ट विवरण और कार्यकारी अधिकारियों की जवाबदेही तय हो। उन्होंने प्रशासनिक अड़चनों से बचने के लिए विभागों के बीच तालमेल तंत्र को मजबूत करने का भी आह्वान किया।
व्यापारी समुदाय को भरोसा दिलाते हुए बिजली मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद ने बताया कि बिजली विभाग से संबंधित मामलों और शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर तेजी से समाधान किया जा रहा है।
समीक्षा बैठक का समापन करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने व्यापार-पक्षीय माहौल बनाने, प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने और राज्य भर के व्यापारियों की चिंताओं को पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से हल करने के लिए पंजाब सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।
इस दौरान कर आयुक्त जतिंदर जोरवाल ने अब तक पूरे हुए विकास कार्यों और निपटाई गई शिकायतों के बारे में प्रस्तुति दी। इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, राहुल तिवारी, अतिरिक्त डी.जी.पी. (कानून एवं व्यवस्था) एस.पी.एस. परमार, विशेष सचिव, सूचना एवं लोक संपर्क, पुनीत गोयल, उद्योग, श्रम, स्थानीय निकाय और पी.एस.पी.सी.एल. सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी शामिल हुए, जबकि सभी डिप्टी कमिश्नर और एस.एस.पी. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।