नई दिल्ली : सरकार ने रोहित जैन को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का डिप्टी गवर्नर नियुक्त किया है। यह जानकारी एक आधिकारिक नोटिफिकेशन में दी गई है।
नोटिफिकेशन में कहा गया है कि जैन की नियुक्ति 3 मई से प्रभावी होगी और उनका कार्यकाल तीन साल के लिए होगा।
वह वर्तमान में आरबीआई में एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
रोहित जैन, टी. रबी शंकर की जगह लेंगे, जो पिछले महीने के अंत में रिटायर हो गए थे। डिप्टी गवर्नर के रूप में उन्हें कौन-कौन सी जिम्मेदारियां मिलेंगी, इसका अभी ऐलान नहीं किया गया है।
यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब केंद्रीय बैंक मुद्रा प्रबंधन और वित्तीय प्रणाली की स्थिरता पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।
इसी बीच, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने नीदरलैंड्स के एम्स्टर्डम में आयोजित 25वें एफआईएमएमडीए-पीडीएआई वार्षिक सम्मेलन में कहा कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, जिसका कारण उपभोग और सरकारी निवेश है।
उन्होंने चेतावनी दी कि दुनिया के कई देशों में बढ़ता सरकारी खर्च और रक्षा खर्च, वैश्विक वित्तीय स्थिरता पर दबाव डाल सकता है।
आरबीआई गवर्नर ने यह भी कहा कि कुछ सेक्टर, खासकर टेक्नोलॉजी सेक्टर में बढ़ी हुई कीमतें, बाजार के लिए जोखिम पैदा कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार के पूंजीगत खर्च (कैपिटल एक्सपेंडीचर) पर जोर देने से निजी निवेश को बढ़ावा मिला है और उत्पादन क्षमता बढ़ी है।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि सप्लाई चेन में बाधाएं और ऊर्जा की बढ़ती कीमतें पहले ही आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित कर चुकी हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो इससे महंगाई पर भी असर पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि आरबीआई वैश्विक अनिश्चितता के बीच वित्तीय बाजारों को और मजबूत बनाने, उनमें भागीदारी बढ़ाने और संस्थागत ढांचे को बेहतर करने के प्रयास जारी रखेगा।