साहिबजादा अजीत सिंह नगर : सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ऑटिज्म एंड न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स (COE-ANDD), अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मोहाली द्वारा आज ऑटिज्म तथा अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स से संबंधित व्यक्तियों के लिए आहार संबंधी जागरूकता, पोषण सहयोग, माता-पिता की शिक्षा तथा पुनर्वास सेवाओं में पेशेवर सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण ‘पोषण मेला-2026’ रहा, जिसका विषय “ऑटिज्म और न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स के लिए आहार संबंधी जागरूकता एवं पोषण सहयोग” था। मेले में बच्चों और उनके परिवारों के लिए खाद्य पदार्थों की जानकारी, पोषण संबंधी मार्गदर्शन, संवेदनशीलता-अनुकूल गतिविधियां तथा पौष्टिक व्यंजनों से संबंधित जानकारी उपलब्ध करवाई गई।
इस अवसर पर सीजीसी लांडरां, चितकारा यूनिवर्सिटी और एमिटी यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों तथा फैकल्टी सदस्यों ने भी भाग लिया। गतिविधियों का उद्देश्य परिवारों के लिए भोजन एवं पोषण से जुड़े विषयों को व्यावहारिक और रोचक तरीके से प्रस्तुत करना तथा स्वस्थ एवं टिकाऊ आहार संबंधी आदतों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम के अंतर्गत “फूड, गट एंड बिहेवियर: ऑटिज्म एवं न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स में आहार की भूमिका को समझना” विषय पर माता-पिता के लिए प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किया गया। इस दौरान माता-पिता को आहार, आंतों के स्वास्थ्य और व्यवहार के बीच संबंध के बारे में जानकारी दी गई तथा ऑटिज्म एवं अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स से संबंधित व्यक्तियों की देखभाल में सूचित एवं वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित पोषण संबंधी विकल्पों के महत्व पर प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम में सुखदीप सिंह झज्ज, डिप्टी डायरेक्टर, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, पंजाब सरकार, ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। उन्होंने माता-पिता के साथ संवाद किया और ऑटिज्म तथा अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स से संबंधित बच्चों के लिए सहायता प्रणालियों एवं समन्वित सेवाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
इस अवसर पर सरकारी रिहैबिलिटेशन इंस्टीट्यूट फॉर इंटेलेक्चुअल डिसएबिलिटीज (GRIID) के पुनर्वास विशेषज्ञों ने भी सेंटर का दौरा किया। इस दौरान बहु-विषयक पुनर्वास, विकासात्मक हस्तक्षेप तथा परिवार-केंद्रित देखभाल से संबंधित अनुभवों और विशेषज्ञता का आदान-प्रदान किया गया।
डॉ. नवदीप सिंह सैनी, डायरेक्टर-प्रिंसिपल, अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मोहाली, ने ऑटिज्म एवं अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स से संबंधित व्यक्तियों के लिए व्यापक सेवाओं को मजबूत करने हेतु संस्थानों तथा पुनर्वास विशेषज्ञों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित किया।
दिनभर आयोजित गतिविधियों में बच्चों, परिवारों, पोषण विशेषज्ञों, पुनर्वास विशेषज्ञों तथा सेंटर की बहु-विषयक टीम ने भाग लिया। इससे शिक्षा, संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध हुआ।
अंबेडकर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज मोहाली का सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर ऑटिज्म एंड न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स ऑटिज्म एवं अन्य न्यूरोडेवलपमेंटल डिसऑर्डर्स से संबंधित व्यक्तियों के लिए सुलभ, बहु-विषयक और परिवार-केंद्रित सेवाएं विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। माता-पिता के प्रशिक्षण, पोषण जागरूकता, पुनर्वास सहयोग और सामुदायिक पहुंच जैसी पहलों के माध्यम से सेंटर व्यक्तियों एवं उनके परिवारों के लिए व्यापक सहायता सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।