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पंजाब

मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा ने दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर प्रमुख जनगणना अधिकारियों के राज्य स्तरीय सम्मेलन की अध्यक्षता की

21 सितंबर, 2026 08:13 PM

चंडीगढ़ : जनगणना-2027 के दूसरे चरण से संबंधित तैयारियों और कार्य प्रगति की समीक्षा करने के लिए आज चंडीगढ़ में पंजाब के मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा की अध्यक्षता में प्रमुख जनगणना अधिकारियों (पी.सी.ओ.) के लिए एक दिवसीय सम्मेलन आयोजित किया गया।

इस सम्मेलन में राज्य स्तरीय जनगणना समन्वय समिति (एस.एल.सी.सी.सी.) के सदस्यों, मंडलायुक्तों और सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों, जिनमें जिलों के उपायुक्त तथा नगर निगमों के आयुक्त शामिल थे, ने भाग लिया।

बैठक की शुरुआत में पंजाब जनगणना संचालन की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा ने मुख्य सचिव, एस.एल.सी.सी.सी. के सदस्यों, मंडलायुक्तों और सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों का स्वागत किया।

इस सम्मेलन में जनगणना 2027 के दूसरे चरण के प्रमुख पहलुओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इनमें जनसंख्या गणना की तैयारी, गणना ब्लॉकों (ई.बी.) को अंतिम रूप देना, मानव संसाधन योजना, प्रशिक्षण एवं तैनाती, पी.ई. प्रश्नावली, डिजिटल उपकरण, स्व-गणना, मीडिया एवं प्रचार, क्षेत्रीय स्तर पर तैयारी तथा प्रशासनिक जिम्मेदारियां शामिल थीं।

जनगणना को निर्धारित समय के भीतर सुचारू, समयबद्ध और सटीक तरीके से लागू करना सुनिश्चित करने के लिए परिचालन एवं तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुतियां दी गईं।

मुख्य सचिव ने जनगणना को एक राष्ट्रीय अभियान बताते हुए कहा कि जनगणना देश द्वारा किए जाने वाले सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियानों में से एक है। यह शासन, योजना निर्माण, नीति निर्धारण और सार्वजनिक सेवाओं के वितरण में उपयोग होने वाली जनसांख्यिकीय तथा सामाजिक-आर्थिक जानकारी का एक महत्वपूर्ण आधार है।

उन्होंने आगे कहा कि जनगणना की सफलता के लिए न केवल सुव्यवस्थित प्रशासनिक तैयारी आवश्यक है, बल्कि हर स्तर पर प्रतिबद्धता, समन्वय और जिम्मेदारी की मजबूत भावना भी जरूरी है। उन्होंने सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों से इस अभियान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने तथा पूर्ण समर्पण और जवाबदेही के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाने को कहा।

मुख्य सचिव ने आगे कहा कि जनगणना प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की सावधानीपूर्वक योजना बनाई जानी चाहिए, इसकी करीबी निगरानी की जानी चाहिए और इसे निर्धारित समय-सीमाओं के भीतर पूरा किया जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगमों और सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय के महत्व पर जोर दिया, ताकि जनगणना अभियान की सटीकता, गुणवत्ता और विश्वसनीयता बनाए रखी जा सके।

उन्होंने पी.सी.ओ. को संपूर्ण फील्ड मशीनरी का प्रभावी नेतृत्व करने का आह्वान किया, ताकि जनगणना के सभी कर्मचारियों को उचित प्रशिक्षण दिया जाए, उन्हें अपनी भूमिकाओं और जिम्मेदारियों के बारे में पूरी तरह जागरूक किया जाए तथा निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार फील्ड कार्य शुरू करना सुनिश्चित किया जा सके।

देश के लिए जनगणना 2027 के महत्व को रेखांकित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि राज्य में इस प्रक्रिया को सफलतापूर्वक और सटीक ढंग से संपन्न कराने में पंजाब की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी पी.सी.ओ. से अपील की कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में जनगणना की तैयारियों और क्रियान्वयन की व्यक्तिगत रूप से निगरानी करें तथा इस कार्य को पूर्ण लगन, शुद्धता, संपूर्णता और जिम्मेदारी के उच्चतम मानकों के साथ संपन्न करना सुनिश्चित करें।

राज्य नोडल अधिकारी ने प्रतिभागियों को दूसरे चरण के लिए प्रशासनिक एवं समन्वय ढांचे के बारे में जानकारी दी और प्रत्येक चरण में जनगणना के दिशा-निर्देशों, निर्धारित प्रक्रियाओं तथा समय-सीमाओं का सख्ती से पालन करने के महत्व पर जोर दिया।

पी.सी.ओ. को संबोधित करते हुए राज्य नोडल अधिकारी ने कहा कि तैयारी के चरण से ही निरंतर निगरानी की जानी चाहिए। इसमें गणना ब्लॉकों और मानव संसाधनों को अंतिम रूप देना, प्रशिक्षण, फील्ड कर्मचारियों की तैनाती तथा फील्ड कार्य शामिल हैं।

पी.सी.ओ. को जिला और चार्ज स्तर पर प्रभावी समीक्षा एवं निगरानी प्रणाली स्थापित करने की सलाह दी गई। इसमें निरंतर निगरानी और परिचालन संबंधी मुद्दों के समयबद्ध समाधान पर ध्यान देने को कहा गया। अंतर-विभागीय समन्वय और तैयारियों के नियमित मूल्यांकन पर विशेष जोर दिया गया, ताकि फील्ड कार्य शुरू होने से पहले ही किसी भी कमी की पहचान कर उसे दूर किया जा सके।

राज्य नोडल अधिकारी ने आगे कहा कि जनगणना मशीनरी के प्रत्येक स्तर को अपनी सौंपी गई जिम्मेदारियों के बारे में पूरी स्पष्टता होनी चाहिए। सभी गतिविधियों को स्वीकृत जनगणना प्रक्रियाओं के अनुसार पूरी सख्ती और समयबद्ध तरीके से संपन्न किया जाना चाहिए।

पी.सी.ओ. को निर्देश दिया गया कि वे तैयारी के प्रारंभिक चरण से लेकर फील्ड कार्यों के पूरा होने तक करीबी निगरानी बनाए रखें और जहां भी आवश्यकता हो, पूर्ण समन्वय के साथ समय पर सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करें।

निदेशक जनगणना संचालन द्वारा दूसरे चरण की तैयारी, ई.बी. को अंतिम रूप देने, मानव संसाधन योजना और प्रशिक्षण के संबंध में जानकारी
जनगणना संचालन, पंजाब की निदेशक डॉ. नवजोत खोसा ने प्रतिभागियों को जनगणना 2027 के दूसरे चरण के लिए समय-सारणी और प्रमुख परिचालन आवश्यकताओं से अवगत कराया। इसके अलावा विभिन्न मानकों पर आधारित 40 प्रश्नों वाली पी.ई. प्रश्नावली पर भी विस्तार से चर्चा की गई।

चरण-2 – जनसंख्या गणना की समय-सीमा

स्व-गणना: 16 नवंबर, 2026 से 30 नवंबर, 2026 तक

चरण-2: 1 दिसंबर, 2026 से 4 जनवरी, 2027 तक

संशोधन के लिए: 5 जनवरी, 2027 से 9 जनवरी, 2027 तक

संदर्भ तिथि: 5 जनवरी, 2027 को रात 12:00 बजे (00:00 घंटे)

जनगणना निदेशक ने जनगणना-2027 के प्रमुख तकनीकी एवं परिचालन पहलुओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति भी दी। इसमें दूसरे चरण का संक्षिप्त अवलोकन, गणना ब्लॉक (ई.बी.) का गठन, मानव संसाधन योजना एवं युक्तिसंगतीकरण, प्रशिक्षण प्रक्रिया, स्व-गणना, डिजिटल उपकरण, बजट तथा मीडिया एवं प्रचार शामिल थे।
उन्होंने प्रत्येक घटक के लिए तैयारी संबंधी आवश्यकताओं और क्रियान्वयन ढांचे के बारे में व्यापक दिशा-निर्देश दिए। इनमें समन्वय आधारित योजना, समयबद्ध क्रियान्वयन, प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग और जनगणना को सफल बनाने के लिए जमीनी स्तर पर मजबूत तैयारी पर जोर दिया गया।

डॉ. नवजोत खोसा ने कहा कि प्रभावी नेतृत्व, करीबी निगरानी और बारीकी से की गई तैयारी जनगणना के चरण को सफलतापूर्वक लागू करने के प्रमुख आधार होंगे। उन्होंने जनगणना के दिशा-निर्देशों को प्रभावी, समन्वित और समयबद्ध तरीके से लागू करने में जिला स्तर के प्रमुख अधिकारियों के रूप में पी.सी.ओ. की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने सभी तैयारी संबंधी गतिविधियों, विशेष रूप से गणना ब्लॉकों को अंतिम रूप देने, मानव संसाधन योजना और जनगणना कर्मचारियों की तैनाती से संबंधित कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके अलावा जमीनी स्तर के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए आवश्यक और उचित प्रशिक्षण प्राप्त कर्मचारियों की पहले से उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।

निदेशक ने प्रशिक्षण प्रक्रिया के महत्व के बारे में बताया, जिसमें फील्ड ट्रेनिंग (एफ.टी.) को समय पर पूरा करना शामिल है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि तैनाती से पहले सभी कर्मचारी अच्छी तरह प्रशिक्षित हों और उन्हें अपनी भूमिकाओं, जिम्मेदारियों, प्रक्रियाओं तथा डिजिटल उपकरणों के बारे में स्पष्ट जानकारी हो।

उन्होंने प्रत्येक स्तर पर मजबूत निगरानी प्रणालियों और करीबी निरीक्षण की व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया। साथ ही, परिचालन संबंधी मुद्दों की समयबद्ध रिपोर्टिंग, निगरानी और समाधान के लिए डिजिटल उपकरणों के प्रभावी उपयोग की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।

इस दौरान दुर्गम, कठिन और संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह कवर करना सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया गया। निदेशक ने प्रमुख जनगणना अधिकारियों (पी.सी.ओ.) से ऐसे क्षेत्रों की पहले से पहचान करने तथा उनकी व्यापक कवरेज और सही दस्तावेजीकरण सुनिश्चित करने के लिए उचित क्षेत्रीय एवं निगरानी व्यवस्थाएं करने को कहा।

निदेशक ने जन जागरूकता और स्व-गणना के प्रभावी प्रचार के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने नागरिकों को जनगणना प्रक्रिया के बारे में जागरूक करने, भागीदारी को प्रोत्साहित करने और स्व-गणना सुविधा के प्रभावी उपयोग को आसान बनाने के लिए जिला एवं क्षेत्रीय स्तर पर समन्वित प्रयासों की मांग की।

पी.सी.ओ. को जनगणना कर्मचारियों को समय पर अंतिम रूप देने, प्रशिक्षण व्यवस्था, क्षेत्रीय तैयारी, अंतर-विभागीय समन्वय, क्षेत्रीय कार्यों की निगरानी, स्व-गणना के प्रचार तथा जिला एवं चार्ज स्तर पर परिचालन संबंधी मुद्दों के समाधान से जुड़ी उनकी प्रमुख जिम्मेदारियों के बारे में भी अवगत कराया गया।

सम्मेलन का समापन आगामी रणनीति पर विस्तृत चर्चा के साथ हुआ। इस दौरान बिना किसी चूक या दोहराव के पूर्ण कवरेज सुनिश्चित करने तथा पंजाब में जनगणना-2027 के दूसरे चरण को सफलतापूर्वक लागू करने के लिए सभी भागीदारों द्वारा समन्वित, समयबद्ध और जवाबदेह कार्रवाई पर जोर दिया गया।

मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों तथा क्षेत्रीय स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों द्वारा सामूहिक जिम्मेदारी, करीबी समन्वय और निरंतर निगरानी के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने सभी प्रमुख जनगणना अधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों में तैयारियों का व्यक्तिगत रूप से नेतृत्व और करीबी निगरानी करें तथा प्रत्येक चरण को समर्पण, जिम्मेदारी और ईमानदारी के साथ संपन्न करना सुनिश्चित करें।

सम्मेलन ने पंजाब में जनगणना 2027 के दूसरे चरण को सुचारू, समयबद्ध, सटीक और व्यापक तरीके से संपन्न कराने के लिए सभी भागीदारों की सामूहिक प्रतिबद्धता को दोहराया।

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