पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में उपजे तनाव के बाद पुलिस प्रशासन ने अब स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में होने का दावा किया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पांच लड़कों को हिरासत (डिटेन) में लिया है। यूनिवर्सिटी में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा को देखते हुए नियमित कक्षाओं को आगामी 10 दिनों के लिए निलंबित कर दिया गया है, जिसके बाद बड़ी संख्या में छात्र अपने घरों के लिए रवाना हो रहे हैं।
दातड़ और वॉकी-टॉकी के साथ 5 युवक हिरासत में
27वीं बटालियन की कमांडेंट गुरमीत कौर ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया:
संदिग्धों से बरामदगी: हिरासत में लिए गए पांचों लड़कों के पास से एक धारदार हथियार (दातड़) और एक वॉकी-टॉकी सेट बरामद किया गया है।
पूछताछ जारी: पुलिस सभी संदिग्धों से गहन पूछताछ कर रही है ताकि कैंपस के भीतर उनके प्रवेश, मंतव्य और माहौल बिगाड़ने की कोशिशों की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
छात्रों के आरोप बनाम यूनिवर्सिटी का रुख
कैंपस में तनाव की शुरुआत एक कथित घटना को लेकर फैली खबरों के बाद हुई
छात्रों के आरोप: कुछ छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंपस के भीतर एक छात्रा के साथ गंभीर ज्यादती (रेप) की घटना हुई है। छात्रों का यह भी दावा है कि यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने मामले को दबाने का प्रयास किया, जिससे पीड़िता की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी। इस पर छात्रों ने पुलिस की शुरुआती कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए।
यूनिवर्सिटी का खंडन: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें निराधार अफवाह करार दिया है। संस्थान ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि कैंपस में ऐसी कोई घटना नहीं हुई है और यह केवल यूनिवर्सिटी की छवि को धूमिल करने की सुनियोजित साजिश है।
पुलिस का आश्वासन : 'कैंपस पूरी तरह सुरक्षित, घबराने की जरूरत नहीं'
अभिभावकों और छात्रों के बीच बने असमंजस और डर के माहौल को दूर करने के लिए पंजाब पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी खुद मैदान में उतरे।
एडीजीपी फैय्याज फारूकी ने स्थिति की समीक्षा करने के बाद मीडिया को बताया
"कैंपस में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। हमारा पूरा ध्यान छात्रों की सुरक्षा और परिसर में शांति बनाए रखने पर है। हम सभी परिजनों को आश्वस्त करना चाहते हैं कि उनके बच्चे पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी को भी घबराने या पैनिक होने की कतई आवश्यकता नहीं है।"
प्रशासन ने छात्रों और आम लोगों से सोशल मीडिया पर बिना पुष्टि के किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या वीडियो साझा न करने की अपील की है।