चंडीगढ़ : पंजाब में बाढ़ के बढ़ते संकट से निपटने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने युद्ध स्तर पर काम शुरू कर दिया है। बाढ़ प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने एक विशेष 'फ्लड मैनेजमेंट कमेटी' का गठन किया है और अपने कैबिनेट मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की कमान सौंप दी है, ताकि राहत कार्य बिना किसी रुकावट के तेजी से आगे बढ़ सकें ।
मंत्रियों को मिली जिलों की जिम्मेदारी
बाढ़ की स्थिति पर 24 घंटे नजर रखने और तुरंत एक्शन लेने के लिए मंत्रियों की टीम बनाई गई है।
1. राज्य स्तरीय निगरानी: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह, कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड़िया और जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल पूरे पंजाब में बाढ़ की स्थिति पर नजर रखेंगे और समन्वय का काम करेंगे।
2. जालंधर कंट्रोल रूम: जालंधर में पहले ही एक 24x7 फ्लड कंट्रोल रूम स्थापित किया जा चुका है, जिसका प्रभार कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को दिया गया है। यह कंट्रोल रूम मुख्य रूप से कपूरथला, तरनतारन और फाजिल्का जिलों पर विशेष नजर रखेगा ।
3. जिलावार जिम्मेदारी:
3.1 कपूरथला: कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और हरदीप सिंह मुंडिया को जिम्मेदारी दी गई है।
3.2 तरनतारन: परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर और लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ETO हालात पर नजर रखेंगे।
3.3 फाजिल्का: सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर और तरुणप्रीत सिंह सौंध को इंचार्ज बनाया गया है ।
सरकार का लक्ष्य: तत्काल राहत, स्थायी समाधान
मुख्यमंत्री भगवंत मान का स्पष्ट निर्देश है कि बाढ़ प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने में कोई कोताही न बरती जाए। सरकार की यह पहल न केवल मौजूदा संकट से निपटने के लिए है, बल्कि भविष्य में ऐसी आपदाओं को रोकने के लिए एक स्थायी समाधान खोजने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है।
नियुक्त किए गए सभी मंत्रियों और अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी जारी किए गए हैं ताकि जरूरत पड़ने पर उनसे तुरंत संपर्क किया जा सके और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके