-‘आगे बढ़े बचपन’ पहल के तहत 3 से 6 वर्ष के बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर चंडीगढ़। हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी ने कहा कि बच्चों के जीवन के शुरुआती वर्ष उनके शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक और सामाजिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में 3 से 6 वर्ष के बच्चों को खेल-खेल में सीखने के अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं, ताकि उनकी मजबूत नींव रखकर उज्ज्वल भविष्य का मार्ग प्रशस्त किया जा सके। उन्होंने कहा कि ‘आगे बढ़े बचपन’ की अवधारणा के तहत बच्चों को उनकी आयु और सीखने की क्षमता के अनुरूप रोचक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके लिए विभाग द्वारा आंगनवाड़ी केंद्रों में शिक्षण-अधिगम सामग्री (टीएलएम) उपलब्ध करवाई गई है, जिससे बच्चे खेल, बातचीत और विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से सहजता से नई बातें सीख सकें।
श्रुति चौधरी ने कहा कि खेल-आधारित शिक्षण से बच्चों के भाषा और संवाद कौशल में सुधार होता है। बच्चे सुनने, बोलने, अपने विचार व्यक्त करने और दूसरों की बात समझने की क्षमता विकसित करते हैं। इसके साथ ही उनकी सोचने-समझने, याद रखने, तर्क करने तथा समस्याओं का समाधान खोजने की क्षमता भी मजबूत होती है।
उन्होंने कहा कि रंगों, आकारों, गिनती, वर्गीकरण और दैनिक जीवन से जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को नए कौशल सीखने का अवसर मिलता है। समूह में खेलना और गतिविधियों में भाग लेना उन्हें मिल-जुलकर रहने, अपनी बारी की प्रतीक्षा करने, दूसरों के साथ सहयोग करने तथा सामाजिक व्यवहार सीखने में मदद करता है। ऐसी गतिविधियां बच्चों में आत्मविश्वास, भावनात्मक संतुलन और स्वतंत्र रूप से कार्य करने की क्षमता को भी बढ़ावा देती हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में खेल-आधारित गतिविधियां बच्चों को विद्यालय में प्रवेश के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे उनमें सीखने के प्रति रुचि विकसित होती है और वे आगे की औपचारिक शिक्षा के लिए बेहतर तरीके से तैयार होते हैं।
श्रुति चौधरी ने कहा कि हर बच्चे को सीखने और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। महिला एवं बाल विकास विभाग का प्रयास है कि आंगनवाड़ी केंद्र बच्चों के लिए ऐसा आनंददायक और प्रेरणादायक वातावरण बनें, जहां वे खेलते हुए सीखें, अपनी प्रतिभा को पहचानें और आत्मविश्वास के साथ अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम बढ़ाएं।