चंडीगढ़ : 'स्वस्थ भारत, स्वस्थ हरियाणा' के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मंगलवार सुबह साइकिल चलाकर चंडीगढ़ के प्रसिद्ध सुखना लेक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री ने पर्यावरण संरक्षण, ईंधन की बचत और बेहतर स्वास्थ्य का संदेश देने के लिए इस अनूठी साइकिल यात्रा की शुरुआत की। सुखना लेक पर मॉर्निंग वॉक (सुबह की सैर) के लिए आए आम नागरिकों और बच्चों ने मुख्यमंत्री को अपने बीच पाकर बेहद उत्साह दिखाया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने लोगों से मुलाकात कर राज्य के विकास और पर्यावरण को सुरक्षित रखने में आम जनता से सहयोग की अपील की।
बच्चों की मासूम पहचान : बच्चे के साथ साझा किए मुस्कुराते पल
सैर के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वहां मौजूद बच्चों से बेहद आत्मीयता के साथ बातचीत की। एक बच्चे के साथ अपनी मुलाकात की तस्वीर साझा करते हुए उन्होंने लिखा, "बच्चे के साथ एक न्यारी सी मुस्कान, बच्चों की मासूम पहचान!" मुख्यमंत्री का बच्चों के प्रति यह सहज और स्नेहपूर्ण व्यवहार वहां मौजूद लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहा।
प्रधानमंत्री के आह्वान पर पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील
मुख्यमंत्री ने नागरिकों से अपनी दैनिक जीवनशैली में बदलाव लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर हम सभी को ईंधन (पेट्रोल-डीजल) की बचत करने का संकल्प लेना चाहिए। साइकिल का उपयोग न केवल पर्यावरण को प्रदूषण मुक्त रखता है, बल्कि यह हमारी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है।
स्वच्छता के सच्चे दूतों का किया अभिनंदन
सुखना लेक पर मुख्यमंत्री ने 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत तैनात एक सम्मानित स्वच्छाग्रही (सफाई कर्मी) से स्नेहपूर्ण मुलाकात की और उनके समर्पण को सराहा। स्वच्छाग्रहियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा:
"स्वच्छता के ये सच्चे दूत दिन-रात परिश्रम करते रहते हैं ताकि हम सभी स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण में जीवन जी सकें। कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी समाज को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए निरंतर समर्पण भाव से कार्य करने वाले हमारे स्वच्छाग्रही वास्तव में सम्मान और अभिनंदन के अधिकारी हैं। उनकी सेवा, मेहनत और कर्तव्यनिष्ठा हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है।"
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की इस सुबह की साइकिल यात्रा और जनसंवाद ने सोशल मीडिया पर भी खूब सुर्खियां बटोरी हैं, जिसे लोग एक सकारात्मक और प्रेरणादायी पहल मान रहे हैं।