व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ, हिमाचल प्रदेश की विभिन्न मांगों एवं सेवा संबंधी मुद्दों को लेकर आज हिमाचल प्रदेश विधानसभा परिसर में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने व्यावसायिक प्रशिक्षकों द्वारा उठाए गए विभिन्न मुद्दों को गंभीरता से सुना तथा प्रत्येक मांग पर बिंदुवार विस्तृत चर्चा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के साथ विभिन्न मांगों की व्यावहारिकता, वित्तीय प्रावधानों और नियमानुसार आवश्यक प्रक्रिया पर भी विचार-विमर्श किया। बैठक में समग्र शिक्षा के राज्य परियोजना निदेशक राजेश शर्मा, निदेशक स्कूल शिक्षा आशीष कोहली, व्यावसायिक टीचर एसोसिएशन अध्यक्ष प्रवीण मेकटा, सचिव विजय शर्मा सहित अन्य गणमान्य मौजूद रहे। बैठक में व्यावसायिक प्रशिक्षकों के मानदेय में वृद्धि, 5 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि, राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय योगदान, चिकित्सा अवकाश, अध्ययन अवकाश, पितृत्व अवकाश, महिला प्रशिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव तथा विशेष अवकाश सहित विभिन्न मांगों पर सकारात्मक चर्चा हुई।
मानदेय में वृद्धि का प्रस्ताव
बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने व्यावसायिक प्रशिक्षकों के मानदेय से संबंधित मांग पर चर्चा करते हुए PAB 2026-27 में स्वीकृत प्रावधानों के अनुरूप मानदेय में वृद्धि की दिशा में आवश्यक कार्रवाई करने पर जोर दिया। सभी मौजूदा व्यावसायिक प्रशिक्षकों के लिए एकरूप मानदेय संरचना अपनाने तथा भारत सरकार के निर्धारित अधिकतम मानदेय मानकों के अनुरूप इसे सुनिश्चित करने का प्रस्ताव है। व्यावसायिक प्रशिक्षकों के मानदेय में प्रत्येक वर्ष 5 प्रतिशत वृद्धि की मांग पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि इस मांग को PAB 2027-28 के दौरान भारत सरकार के समक्ष प्रस्तावित किया जाएगा।
राज्य सरकार से अतिरिक्त 20 प्रतिशत वित्तीय योगदान का प्रस्ताव
बैठक में व्यावसायिक प्रशिक्षकों की वित्तीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर भी चर्चा हुई। वर्तमान समग्र शिक्षा व्यवस्था में केंद्र और राज्य सरकार के बीच 90:10 के अनुपात में वित्तीय भागीदारी है। बढ़ती जीवन-यापन लागत तथा केंद्रीय मानदेय सीमा को देखते हुए राज्य सरकार की ओर से मौजूदा 90:10 व्यवस्था से अतिरिक्त 20 प्रतिशत वेतन योगदान किए जाने का प्रस्ताव रखा गया है। इसका उद्देश्य व्यावसायिक प्रशिक्षकों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा प्रदान करना तथा प्रदेश में दक्ष एवं अनुभवी प्रशिक्षकों को बनाए रखना है।
व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में और मजबूत करने पर जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था के साथ और अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने के विषय पर भी चर्चा हुई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस विषय की समीक्षा करने की बात कही। बैठक में यह भी उल्लेख किया गया कि प्रदेश में व्यावसायिक शिक्षा को पहले ही मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था में शामिल किया जा चुका है। वर्तमान में व्यावसायिक प्रशिक्षकों को एक शैक्षणिक वर्ष में 6 दिन का चिकित्सा अवकाश मिलता है। व्यावहारिक एवं फील्ड ड्यूटी की प्रकृति को देखते हुए इस अवधि को अपर्याप्त बताते हुए 6 दिन से बढ़ाकर 10 दिन करने का प्रस्ताव रखा गया।बैठक में इस मांग की समीक्षा करने तथा सेल्स टैक्स विभाग, हिमाचल प्रदेश में लागू व्यवस्था की तर्ज पर चिकित्सा अवकाश बढ़ाने का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजने का निर्णय लिया गया।
एक वर्ष तक अध्ययन अवकाश का प्रस्ताव
औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावसायिक शिक्षा में लगातार बदलाव हो रहे हैं। जॉब रोल्स और क्वालिफिकेशन पैक्स में होने वाले बदलावों को देखते हुए व्यावसायिक प्रशिक्षकों के कौशल एवं योग्यता को अद्यतन करने के लिए अधिकतम एक वर्ष तक अध्ययन अवकाश प्रदान करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह अवकाश बिना वेतन/मानदेय के होगा तथा इसके लिए नियमित प्रशिक्षक और उसके स्थान पर नियुक्त अस्थायी प्रशिक्षक के बीच आवश्यक कानूनी समझौता किए जाने का प्रावधान प्रस्तावित है। पुरुष व्यावसायिक प्रशिक्षकों की पारिवारिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पात्र प्रशिक्षकों को अधिकतम 15 दिन तक पितृत्व अवकाश प्रदान करने का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया। इस संबंध में लागू प्रशासनिक नियमों एवं शर्तों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
महिला प्रशिक्षकों के लिए चाइल्ड केयर लीव पर विचार
महिला व्यावसायिक प्रशिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव उपलब्ध करवाने की मांग पर भी चर्चा की गई। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने इस सुविधा की व्यवहार्यता की जांच करने तथा अन्य श्रेणियों को उपलब्ध ऐसी सुविधाओं के संदर्भ में इसका परीक्षण करने के निर्देश दिए। विशेष अवकाश की मांग पर भी बैठक में चर्चा हुई। वर्तमान में उपलब्ध विभिन्न अवकाश व्यवस्थाओं तथा व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन को ध्यान में रखते हुए इस मांग की व्यवहार्यता की समीक्षा करने का निर्णय लिया गया। बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और व्यावसायिक प्रशिक्षकों की भूमिका विद्यार्थियों को रोजगारपरक एवं कौशल आधारित शिक्षा प्रदान करने में महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षकों से जुड़े सेवा संबंधी विषयों का नियमानुसार परीक्षण करते हुए व्यावहारिक एवं उचित समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। व्यावसायिक प्रशिक्षक कल्याण संघ ने शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर द्वारा उनकी मांगों को गंभीरता से सुनने तथा विभिन्न विषयों पर सकारात्मक चर्चा करने के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में लिए गए अधिकांश निर्णय प्रस्ताव, परीक्षण अथवा आगामी PAB/सरकार के समक्ष भेजे जाने की प्रक्रिया से संबंधित हैं। अंतिम स्वीकृति के बाद ही संबंधित प्रावधानों को लागू किया।