शिमला : प्रदेश भाजपा विधायक दल ने नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के नेतृत्व में रविवार को रिज मैदान शिमला पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस के खिलाफ जवाबी धरना दिया और सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। इस दौरान भाजपा नेताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। धरने के दौरान भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती ने रंग दे बसंती चोला सहित देशभक्ति के गीतों से कार्यकर्त्ताओं में जोश भर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित भाजपा विधायक और कार्यकर्त्ता भी देशभक्ति के गीतों में उत्साहपूर्वक शामिल हुए और रिज मैदान राष्ट्रभक्ति के नारों एवं गीतों से गूंज उठा।
वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के सम्मान को लेकर किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल ने विधानसभा में केवल इतना आग्रह किया था कि सदन में संपूर्ण वंदे मातरम् का सम्मानपूर्वक गायन किया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि सदन की कार्यवाही से पहले तैयार किए गए कार्यक्रम में वंदे मातरम् का उल्लेख था, लेकिन बाद में इसे हटा दिया गया। भाजपा ने सदन के भीतर इस विषय को उठाया, परंतु सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाने के बजाय गतिरोध की स्थिति पैदा की।
देश और उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर नहीं सीडब्ल्यूसी का निर्णय
जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1937 में कांग्रेस ने वंदे मातरम् के केवल कुछ अंशों को अपनाने का निर्णय लिया था। उन्होंने दावा किया कि 6 अप्रैल, 1938 को जवाहरलाल नेहरू द्वारा मोहम्मद अली जिन्ना को लिखे गए पत्र में भी वंदे मातरम् से संबंधित आपत्तियों का उल्लेख किया गया था। आज स्वतंत्र भारत में राष्ट्रगीत के सम्मान का प्रश्न किसी राजनीतिक दल के निर्णय से नहीं बल्कि राष्ट्रीय भावना और संवैधानिक व्यवस्था के अनुरूप देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी का कोई निर्णय देश और उसकी लोकतांत्रिक संस्थाओं से ऊपर नहीं हो सकता। देश संविधान और संसद द्वारा स्थापित व्यवस्थाओं के अनुसार चलता है, किसी राजनीतिक दल के फरमान से नहीं। भाजपा का स्पष्ट मत है कि वंदे मातरम् के प्रति पूर्ण श्रद्धा और सम्मान का भाव होना चाहिए।
राष्ट्रगान के अपमान का आरोप पूरी तरह गलत, वीडियो सार्वजनिक करें
जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेताओं द्वारा भाजपा विधायकों पर राष्ट्रगान के अपमान के लगाए जा रहे आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि विधानसभा में राष्ट्रगान के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सभी सदस्य पूरे सम्मान के साथ खड़े रहे और राष्ट्रगान में शामिल हुए। इसके बाद विपक्ष ने वंदे मातरम् के गायन की मांग उठाई थी। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक दल पिछले तीन दिनों से विधानसभा की उस कार्यवाही का वीडियो मांग रहा है। विधानसभा अध्यक्ष से भी इस संबंध में मुलाकात की गई है और विपक्ष के सभी विधायकों ने विधानसभा सचिव को लिखित रूप से वीडियो उपलब्ध करवाने की मांग की है, लेकिन अभी तक वीडियो उपलब्ध नहीं करवाया गया। यदि कांग्रेस के आरोपों में सच्चाई है तो विधानसभा की कार्यवाही का पूरा वीडियो सार्वजनिक किया जाए।
जनहित के सवालों से बचना चाहती है प्रदेश सरकार
जयराम ठाकुर ने कहा कि भाजपा विधानसभा में जनहित के मुद्दों पर गंभीर चर्चा चाहती है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के समय 5 वर्षों में 5 लाख रोजगार और प्रतिवर्ष एक लाख नौकरियां देने की गारंटी दी थी। भाजपा इस गारंटी की वास्तविक स्थिति पर सरकार से जवाब चाहती है। विपक्ष ने प्रश्नकाल चलाने और सदन की कार्यवाही में पूर्ण सहयोग देने की बात कही है, लेकिन प्रदेश में पहली बार ऐसी स्थिति देखने को मिल रही है कि विपक्ष सदन चलाना चाहता है और सत्ता पक्ष के विधायक तथा मंत्री स्वयं नारे लगाते हुए सदन से बाहर जा रहे हैं।