रोहतक : हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी, रोहतक डिपो ने जिला परिवहन अधिकारी, रोहतक कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1280-81 दिनांक 24 जुलाई 2024 में अंतरराज्यीय मार्गों पर बसों के लिए निर्धारित किए गए काउंटर समय को लेकर कड़ा विरोध जताया है। कर्मचारी संगठनों ने इस आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग को लेकर हरियाणा सरकार एवं परिवहन विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र भेजा है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि रोहतक-जयपुर, रोहतक-कोटा, रोहतक-बालाजी तथा रोहतक-अजमेर जैसे अंतरराज्यीय मार्गों पर प्रत्येक बस के लिए मात्र 5 मिनट का काउंटर समय निर्धारित किया गया है। इन मार्गों पर निर्धारित समय में काउंटर प्रक्रिया पूरी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। इसके कारण चालक-परिचालकों पर अनावश्यक समय का दबाव बनेगा तथा तेज गति से बस चलाने की मजबूरी पैदा होकर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि अंतरराज्यीय मार्गों पर 30 रुपये प्रति किलोमीटर यातायात आय निर्धारित की गई है, जबकि निर्धारित 5 मिनट के काउंटर समय के कारण बसों का संचालन निर्धारित समय-सारणी के अनुसार करना मुश्किल होगा। यदि इस व्यवस्था को लागू किया जाता है तो यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ेगा और परिवहन विभाग को आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।
पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि रोहतक बस स्टैंड पर पर्याप्त संख्या में बूथ उपलब्ध हैं। रोहतक से जयपुर, कोटा, बालाजी और अजमेर जाने वाले अंतरराज्यीय मार्गों के लिए अलग से काउंटर बनाने की अनुमति देने संबंधी पूर्व पत्राचार भी किया जा चुका है। कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि इस संबंध में उनकी मांगों और पक्ष को उचित रूप से नहीं सुना गया।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी ने मांग की है कि जिला परिवहन अधिकारी, रोहतक कार्यालय द्वारा जारी पत्र क्रमांक 1280-81 दिनांक 24.07.2024 को तत्काल निरस्त किया जाए, ताकि यात्रियों को बेहतर परिवहन सुविधा मिल सके तथा परिवहन विभाग को संभावित आर्थिक नुकसान से बचाया जा सके।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उक्त समस्या का समाधान नहीं किया गया तो तालमेल कमेटी 1 सितंबर 2026 को एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करने के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों एवं विभाग की होगी।
हरियाणा रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी, रोहतक डिपो ने सरकार एवं परिवहन विभाग से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर कर्मचारियों और यात्रियों के हित में उचित निर्णय लेने की मांग की है।