भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया मेलबर्न यात्रा को सफल और उपलब्धियों से परिपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इस दौरे ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के संबंधों को नई दिशा और गति दी है तथा दोनों देशों की व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाया है।
रक्षा और सुरक्षा सहयोग को मिली नई मजबूती
फिलिप ग्रीन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर 12 पोस्ट की श्रृंखला में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज की मित्रता और साझा दृष्टिकोण के चलते रक्षा, समुद्री सुरक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, शिक्षा, अंतरिक्ष, खेल और सांस्कृतिक सहयोग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने कहा कि रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा के माध्यम से सैन्य सहयोग को नई ऊंचाई मिली है। इसके तहत अधिक जटिल संयुक्त सैन्य अभ्यास, क्षेत्रीय सुरक्षा मामलों पर नियमित परामर्श और रक्षा सूचनाओं के आदान-प्रदान को बढ़ावा दिया जाएगा।
इंडो-पैसिफिक में समुद्री सहयोग होगा मजबूत
हाई कमिश्नर ने कहा कि दोनों देशों ने ‘समुद्री सुरक्षा सहयोग रोडमैप’ और तटरक्षक बलों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समृद्धि को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
ऊर्जा और क्रिटिकल टेक्नोलॉजी में बढ़ेगा सहयोग
उन्होंने बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त वक्तव्य पर सहमति बनाई है। साथ ही अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की निगरानी में शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम निर्यात का मार्ग भी प्रशस्त हुआ है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया-भारत साइबर, क्रिटिकल टेक्नोलॉजी और सप्लाई चेन पार्टनरशिप (पीएसीटीएएस) के तहत साइबर सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने पर भी दोनों देश मिलकर काम करेंगे। महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने के लिए समझौते हुए हैं।
शिक्षा और कौशल विकास को मिलेगा बढ़ावा
फिलिप ग्रीन ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी को भारत में अपना परिसर स्थापित करने की मंजूरी मिल गई है। इसके अलावा, अन्य ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय भी भारत में अपनी मौजूदगी का विस्तार कर रहे हैं। व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में भी नई साझेदारियों की शुरुआत हुई है।
गगनयान मिशन में मिलेगा ऑस्ट्रेलिया का सहयोग
उन्होंने बताया कि अंतरिक्ष क्षेत्र में भी दोनों देशों के सहयोग को नई दिशा मिली है। ऑस्ट्रेलिया के कोकोस (कीलिंग) द्वीपों के माध्यम से भारत के ‘गगनयान’ मानव अंतरिक्ष मिशन के लिए अंतरिक्ष ट्रैकिंग सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
सांस्कृतिक विरासत और खेल सहयोग पर भी जोर
हाई कमिश्नर ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया तमिलनाडु से जुड़ी पवित्र भारतीय कलाकृतियों की वापसी में सहयोग करेगा, जो दोनों देशों के बीच गहरे विश्वास और सांस्कृतिक रिश्तों का प्रतीक है। वहीं, नए ‘स्पोर्ट्स कोलैबोरेशन रोडमैप’ के तहत खेल विज्ञान, तकनीक, प्रशिक्षण और बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी में सहयोग बढ़ाया जाएगा। उन्होंने बताया कि पहली बार बिग बैश लीग (बीबीएल) का उद्घाटन मुकाबला भारत में खेला जाएगा, जिसके साथ एक सप्ताह तक ‘गुड डे नमस्ते’ उत्सव भी आयोजित होगा।
रणनीतिक साझेदारी को मिलेगी नई गति
फिलिप ग्रीन ने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा से दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई धार मिली है। उन्होंने कहा कि इन पहलों से आने वाले वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे और संबंध पहले से अधिक मजबूत होंगे।