ओटीटी पर धूम मचाने के बाद अब मिर्जापुर थिएटर्स में आने जा रही है, इस बार एक फिल्म के तौर पर। अमेजन प्राइम वीडियो की पॉपुलर वेब सीरीज मिर्जापुर अब 'मिर्जापुर - द मूवी' के नाम से सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म की रिलीज डेट 4 सितंबर तय की गई है। कई पुराने किरदार लौट आए हैं, लेकिन बबलू पंडित की वापसी थोड़े अलग अंदाज में हुई है। दरअसल विक्रांत मैसी ने मिर्जापुर में बबलू पंडित का रोल प्ले किया था और कम्पाउंडर की तरह इस किरदार की भी कहानी के मुताबिक मौत हो जाती है। लेकिन 'मिर्जापुर - द मूवी' में मेकर्स इस किरदार को भी वापस ले आए हैं, हालांकि फिल्म में यह किरदार विक्रांत मैसी नहीं बल्कि 'पंचायत' फेम एक्टर जीतेंद्र कुमार निभाते नजर आएंगे।
बबलू की कहानी आगे बढ़नी चाहिए थी
जब 'मिर्जापुर - द मूवी' में विक्रांत के नहीं होने को लेकर उनसे सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि वह आज भी यह फील करते हैं कि बबलू की कहानी को आगे बढ़ाना जाना चाहिए था। एफएलओ बैंगलुरू के साथ बातचीत में उन्होंने मुस्कुराकर कहा- काश उन्होंने मुझे मारा नहीं होता। विक्रांत मैसी ने कहा कि जब उन्होंने यह सीरीज साइन की थी, तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि यह किरदार इतना बड़ा इम्पैक्ट छोड़ेगा। विक्रांत ने कहा कि यह एक जोशीले लोगों का ग्रुप था, जिनमें 85 प्रतिशत मर्द ही थे, सभी को साथ मिलकर काम करना था।
सेट के बाहर जमा हो गए 300 लोग
विक्रांत मैसी आज भी वो वक्त याद करते हैं जब उन्हें इस वेब सीरीज का हिस्सा बनने का मौका मिला। यह ओटीटी पर रिलीज हुई और रातोरात हिट हो गई। इसने उन्हें एक झटके में फेमस कर दिया। विक्रांत ने बताया, "मुझे अच्छी तरह याद है कि जब यह शो आया तब मैं लखनऊ में था। मैं 'रामप्रसाद की तेरहवीं' नाम की फिल्म कर रहा था। मेरी शिफ्ट सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक थी। मैं सुबह करीब 6 या 6.30 बजे सेट पर पहुंचा, तब ठीक से उजाला भी नहीं हुआ था। लेकिन जब शूटिंग खत्म होने वाली थी, तभी मुझे लोकेशन के बाहर शोर सुनाई दिया।" विक्रांत ने बताया कि 200-300 लोग सेट के बाहर जमा हो गए थे, क्योंकि यह खबर फैल गई थी कि बबलू भैया वहां पर शूटिंग कर रहे हैं।
साइकिल से पीछा करने लगे थे फैंस
विक्रांत मैसी ने कहा कि लोगों का इतना सारा प्यार देखकर वह दंग रह गए थे। वजह यह भी थी कि यह सब कुछ उस शो (मिर्जापुर) की रिलीज के महज एक दिन के भीतर हुआ था। विक्रांत ने बताया कि शो का प्रीमियर रात के 12 बजे अमेजन प्राइम पर हुआ था और अगली शाम यानि करीब 17-18 घंटे बाद लोग साइकिल लेकर मेरी कार का पीछा कर रहे थे। वो मेरी तस्वीरें लेना चाहते थे, सेल्फी खिंचाना चाहते थे और ऑटोग्राफ लेना चाहते थे। तब हमें इस बात का अहसास हुआ कि हमने वाकई कुछ अच्छा बनाया है।