केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत और स्विट्जरलैंड ने अपनी मजबूत और दीर्घकालिक साझेदारी की पुनर्पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि दोनों देश भारत-ईएफटीए व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (टीईपीए) के तहत आर्थिक जुड़ाव और रणनीतिक सहयोग को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्विस राष्ट्रपति के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक
पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि उनकी स्विस परिसंघ के राष्ट्रपति गाय परमेलिन के साथ महत्वपूर्ण बैठक हुई। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और टीईपीए के माध्यम से सहयोग को आगे बढ़ाने की साझा इच्छा पर जोर दिया गया।
टीईपीए के तहत बढ़ेगा आर्थिक और रणनीतिक सहयोग
गोयल ने कहा कि भारत और स्विट्जरलैंड के बीच मजबूत साझेदारी के आधार पर दोनों पक्ष व्यापार, निवेश और रणनीतिक सहयोग के नए अवसरों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि टीईपीए दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण समझौता है।
विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ संबंध बढ़ाने पर भारत का जोर
यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ अपने व्यापार और निवेश संबंधों का लगातार विस्तार कर रहा है। सरकार का लक्ष्य वैश्विक बाजारों से जुड़ाव बढ़ाने और विदेशी निवेश को आकर्षित करने के साथ-साथ घरेलू आर्थिक विकास को गति देना है।
एफटीए दीर्घकालिक विकास को देंगे मजबूती
इस सप्ताह की शुरुआत में पीयूष गोयल ने कहा था कि भारत के मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वैश्विक जुड़ाव बढ़ाने, पूंजी निवेश आकर्षित करने, नवाचार को प्रोत्साहित करने, गुणवत्ता मानकों को उन्नत करने और रोजगार के अवसर सृजित करने के लिए तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि ये समझौते देश के दीर्घकालिक आर्थिक विकास को समर्थन देंगे।
ईएफटीए देशों ने 100 अरब डॉलर निवेश का दिया आश्वासन
गोयल ने यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के साथ टीईपीए को भारत तथा स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, लिकटेंस्टीन और आइसलैंड के बीच व्यापार, निवेश और नवाचार-आधारित सहयोग का प्रमुख ढांचा बताया। उन्होंने कहा कि ईएफटीए देशों ने समझौते के तहत 15 वर्षों में भारत में 100 अरब डॉलर निवेश करने और 10 लाख प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करने में सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है।
कार्यान्वयन के दूसरे वर्ष में पहुंचा समझौता
मंत्री ने कहा कि भारत फिलहाल इस समझौते के कार्यान्वयन के दूसरे वर्ष में है और विभिन्न निवेश परियोजनाओं पर चर्चा सक्रिय रूप से आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि टीईपीए दोनों पक्षों के लिए दीर्घकालिक आर्थिक लाभ सुनिश्चित करेगा।