वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम (डब्ल्यूसीईएफ) 2026 मंगलवार को गांधीनगर में शुरू होगा। एक अधिकारी ने बताया कि इसका उद्देश्य सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए भारत की पहलों को प्रदर्शित करना है।
‘सर्कुलर इकोनॉमी: ट्रांजिशन फॉर पीपल एंड प्रॉस्पेरिटी’ विषय के तहत आयोजित होने वाले इस फोरम का संयुक्त उद्घाटन केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल करेंगे।
अधिकारी ने रविवार को जारी एक बयान में कहा कि भारत द्वारा डब्ल्यूसीईएफ 2026 की मेजबानी दक्षिण एशिया के लिए पहली बार होगी।
इस आयोजन का संयुक्त रूप से भारत के केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी), फिनलैंड के फिनिश इनोवेशन फंड सितरा, फिनलैंड सरकार, भारत के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (जीपीसीबी) द्वारा आयोजन किया जा रहा है।
इस कार्यक्रम में 65 से अधिक देशों के 2,000 से ज्यादा विभिन्न क्षेत्रों के हितधारक भाग लेंगे। इनमें कारोबारी नेता, उद्यमी, नवोन्मेषक, शोधकर्ता, नीति निर्माता, शिक्षाविद, बदलाव के लिए काम करने वाले लोग और अन्य शामिल होंगे।
फोरम वैश्विक सहयोग और ग्लोबल साउथ के साथ अधिक जुड़ाव को बढ़ावा देगा। इसके साथ ही सर्कुलर फाइनेंस और निजी क्षेत्र के निवेश को जुटाने, नीतिगत संवाद और विभिन्न क्षेत्रों के बीच साझेदारी को प्रोत्साहित करने तथा सर्कुलर इकोनॉमी के लिए नवाचार, डिजिटलीकरण और प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
सर्कुलरिटी का उद्देश्य मौजूदा सामग्रियों और उत्पादों का दोबारा उपयोग, उनका नवीनीकरण और पुनर्चक्रण करना तथा उन्हें मूल्यवान संसाधनों के रूप में दोबारा अर्थव्यवस्था में शामिल करना है।
बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत पर्यावरणीय शासन व्यवस्था में बड़े बदलाव का नेतृत्व कर रहा है और एक आधुनिक सर्कुलर इकोनॉमी की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उद्घाटन सत्र में शामिल होने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में गुजरात के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुनभाई मोढवाडिया और फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की शामिल होंगे। इनके अलावा केंद्र और गुजरात सरकार के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।
बयान में कहा गया कि 15 और 16 सितंबर को फोरम में एआई के उपयोग, रोजगार की संभावनाओं, ऊर्जा उत्पादन, वित्त, शासन, टिकाऊ उत्पादों, औद्योगिक समाधानों, स्टार्टअप इकोसिस्टम और युवा नेतृत्व जैसे विषयों पर चार पूर्ण सत्र और 16 समानांतर विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इसके अलावा, कार्यक्रम में 125 से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शकों वाला एक एक्सपो भी आयोजित किया जाएगा। इसमें स्टार्टअप्स द्वारा विकसित व्यावहारिक सर्कुलर समाधान और निवेश के लिए तैयार नवाचारों को प्रदर्शित किया जाएगा।
बयान में कहा गया कि डब्ल्यूसीईएफ के साथ-साथ सतत उपभोग और उत्पादन पैटर्न पर 10-वर्षीय कार्यक्रमों के ढांचे (10 वाईएफपी) का बोर्ड 15 सितंबर को गांधीनगर में व्यक्तिगत रूप से अपनी बैठक आयोजित करेगा।
भारत ने हाल ही में 10 वाईएफपी बोर्ड के सह-अध्यक्ष की भूमिका संभाली है, जो सतत उपभोग और उत्पादन को बढ़ावा देने में भारत के लंबे समय से जारी नेतृत्व को दर्शाता है।
बयान में कहा गया कि 17 और 18 सितंबर को वैश्विक सहयोगी गांधीनगर और दुनिया के अन्य स्थानों पर ऑनलाइन/हाइब्रिड तथा व्यक्तिगत रूप से 80 एक्सेलेरेटर सत्र स्वतंत्र रूप से आयोजित करेंगे।